अगर आप UP में आंगनवाड़ी सुपरवाइजर बनने का सपना देख रही हैं, तो सबसे पहला सवाल यही होता है कि आंगनवाड़ी सुपरवाइजर सैलरी UP (anganwadi supervisor salary UP) में आखिर कितनी मिलती है। सीधा जवाब यह है कि आंगनवाड़ी सुपरवाइजर सैलरी UP में यह पद मानदेय वाला नहीं, बल्कि नियमित सरकारी नौकरी वाला पद है, जिसमें 7th Pay Commission के पे-लेवल 5 के तहत शुरुआती बेसिक पे ₹29,200 प्रति माह बताया गया है।
इसका मतलब यह हुआ कि आंगनवाड़ी सुपरवाइजर सैलरी UP (anganwadi supervisor salary UP) को कार्यकर्ता या सहायिका के मानदेय से जोड़कर समझना ही गलत होगा। कार्यकर्ता और सहायिका को हर महीने एक तय मानदेय मिलता है, जबकि सुपरवाइजर यानी मुख्य सेविका को पे-मैट्रिक्स के हिसाब से बेसिक पे, महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता और दूसरे सरकारी भत्ते मिलते हैं। आगे इस लेख में हम यही पूरी तस्वीर साफ-साफ खोलकर रखेंगे।
आपको इस लेख में पे-स्केल, भत्तों का हिसाब, इन-हैंड सैलरी का अनुमान, पेंशन और दूसरे लाभ, पात्रता, चयन प्रक्रिया, काम की जिम्मेदारियाँ और प्रमोशन की राह — सब कुछ एक जगह मिलेगा।

| जानकारी | विवरण |
| पद का नाम | आंगनवाड़ी सुपरवाइजर, यानी मुख्य सेविका (Mukhya Sevika) |
| राज्य | उत्तर प्रदेश (UP) |
| भर्ती करने वाली संस्था | UPSSSC — उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग |
| विभाग | महिला एवं बाल विकास विभाग, ICDS योजना के तहत |
| नौकरी का स्वरूप | नियमित सरकारी कर्मचारी, मानदेय आधारित नहीं |
| पे-लेवल (7th CPC) | लेवल 5 |
| शुरुआती बेसिक पे | ₹29,200 प्रति माह |
| पे-रेंज | ₹29,200 से ₹92,300 तक |
| ग्रेड पे (पुराना ढांचा) | ₹2,800, पे-बैंड 1 (₹5,200–₹20,200) |
| अनुमानित इन-हैंड सैलरी | लगभग ₹37,000–₹43,000 प्रति माह (जुलाई 2025 के एक अनुमान के अनुसार; शहर और भत्तों से बदल सकती है) |
| पेंशन | NPS के तहत |
| पात्रता (पिछली UPSSSC भर्ती के अनुसार) | केवल महिला अभ्यर्थी, स्नातक डिग्री, आयु 21–40 वर्ष |
सबसे बड़ा फर्क: सुपरवाइजर सरकारी कर्मचारी हैं, कार्यकर्ता नहीं
आंगनवाड़ी सुपरवाइजर सैलरी UP को समझने से पहले यह फर्क समझना सबसे जरूरी है, क्योंकि यहीं पर सबसे ज्यादा भ्रम फैला हुआ है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को सरकार की ओर से मानदेय दिया जाता है। मानदेय का मतलब है एक तय रकम, जो वेतनमान के हिसाब से नहीं बढ़ती और जिस पर महंगाई भत्ता या पेंशन जैसी सरकारी सुविधाएँ उसी तरह लागू नहीं होतीं।
इसके उल्टा, UP में आंगनवाड़ी सुपरवाइजर सैलरी UP वाला मुख्य सेविका का पद UPSSSC के जरिए भरा जाने वाला नियमित पद है। इस पद पर नियुक्त व्यक्ति राज्य सरकार का नियमित कर्मचारी बनता है। उसे हर महीने एक पे-स्लिप मिलती है, जिसमें बेसिक पे, भत्ते और कटौतियाँ साफ-साफ दर्ज होती हैं। यही वजह है कि इस लेख को कार्यकर्ता की सैलरी वाले लेख से अलग रखना जरूरी है — दोनों की नौकरी का स्वरूप ही अलग है।
कार्यकर्ता और सहायिका की जानकारी अलग लेखों में है: UP आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सैलरी 2026, आंगनवाड़ी सहायिका सैलरी UP और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सुपरवाइजर में अंतर।
आंगनवाड़ी सुपरवाइजर सैलरी UP: पे-स्केल और बेसिक पे
अब आते हैं उस सवाल पर, जिसके लिए आप यह लेख पढ़ रही हैं — आंगनवाड़ी सुपरवाइजर सैलरी UP में पे-स्केल के हिसाब से क्या बनती है। कई भरोसेमंद स्रोतों में UP के मुख्य सेविका पद के लिए एक ही ढांचा दोहराया गया है, और वही इस लेख का आधार है।
आंगनवाड़ी सुपरवाइजर सैलरी UP के तहत UPSSSC मुख्य सेविका का पद 7th Pay Commission के पे-मैट्रिक्स में लेवल 5 में आता है। इस लेवल की पे-रेंज ₹29,200 से ₹92,300 तक बताई गई है। यानी नौकरी की शुरुआत में बेसिक पे ₹29,200 प्रति माह होता है, और सालाना इन्क्रीमेंट व सेवा-अवधि के साथ यह बेसिक पे धीरे-धीरे इसी रेंज के अंदर बढ़ता जाता है।
आंगनवाड़ी सुपरवाइजर सैलरी UP के पुराने ढांचे की भाषा में यही पद पे-बैंड 1, यानी ₹5,200–₹20,200, और ग्रेड पे ₹2,800 के साथ बताया जाता है। यहाँ एक जरूरी बात समझ लें — कई पुराने नोटिफिकेशन में अब भी यही पुराना पे-बैंड छपा मिलता है, क्योंकि नोटिफिकेशन का फॉर्मेट अपडेट नहीं हुआ होता। लेकिन असल सैलरी 7th Pay Commission के पे-मैट्रिक्स से ही तय होती है, इसलिए पुराना बैंड देखकर यह मत समझिए कि सैलरी सिर्फ ₹5,200–₹20,200 के बीच है।
एक और भ्रम भी दूर कर लें। कुछ जगहों पर UPSSSC की PET पद-सूची में मुख्य सेविका के सामने ₹21,700–₹69,100 की रेंज भी दिखाई गई है, जो लेवल 4 जैसी रेंज है। लेकिन मुख्य सेविका की सैलरी पर बने खास लेखों और UP आंगनवाड़ी सैलरी के नए लेख में लेवल 5 और बेसिक पे ₹29,200 ही दर्ज है। इसलिए इस लेख में लेवल 5 को ही आधार बनाया गया है, और किसी भी नई भर्ती में आखिरी फैसला उसी भर्ती के आधिकारिक नोटिफिकेशन का ही होगा।
इन-हैंड सैलरी कैसे बनती है: बेसिक पे से लेकर हाथ में आने वाली रकम तक
आंगनवाड़ी सुपरवाइजर सैलरी UP को समझने के लिए बेसिक पे जान लेना ही काफी नहीं है, क्योंकि हाथ में आने वाली रकम भत्तों और कटौतियों के बाद तय होती है। आंगनवाड़ी सुपरवाइजर सैलरी UP (anganwadi supervisor salary UP) का हिसाब भी इसी तरह बनता है — बेसिक पे में भत्ते जुड़ते हैं, फिर NPS और टैक्स जैसी कटौतियाँ होती हैं, और तब जाकर इन-हैंड सैलरी निकलती है।
जुलाई 2025 के एक विस्तृत लेख के अनुसार, आंगनवाड़ी सुपरवाइजर सैलरी UP के तहत UP मुख्य सेविका की अनुमानित इन-हैंड सैलरी ₹37,000–₹43,000 प्रति माह थी, ग्रॉस लगभग ₹42,000–₹45,000। वहीं, UP आंगनवाड़ी सैलरी पर एक दूसरे नए लेख में सुपरवाइजर की अनुमानित नेट इन-हैंड सैलरी ₹42,000–₹48,000 प्रति माह तक बताई गई है।
ये अनुमान अलग इसलिए हैं, क्योंकि DA की दर समय से, HRA शहर की श्रेणी से और TA जगह से बदलता है — इसलिए कोई एक आंकड़ा हर जिले के लिए पक्का नहीं हो सकता, और यह लेख एक ईमानदार रेंज दे रहा है।
इसे एक उदाहरण से समझिए, जो जुलाई 2025 के लेख में दिए गए हिसाब पर आधारित है। उस समय DA को बेसिक पे का लगभग 50 प्रतिशत, यानी ₹29,200 पर ₹14,600, और HRA को बेसिक पे का 27 प्रतिशत, यानी ₹7,884, के हिसाब से दिखाया गया था। लेकिन ध्यान रहे — DA की दर हर छह महीने में संशोधित होती है, और HRA की दर शहर के हिसाब से बदलती है, इसलिए आज के हिसाब में ये प्रतिशत अलग हो सकते हैं।
कटौतियों में उसी अनुमान के अनुसार हर महीने लगभग ₹2,000–₹5,000 आते हैं, जिसमें NPS अंशदान भी शामिल है — इसलिए ग्रॉस और इन-हैंड में कुछ हजार का फर्क रहता है, और असली रकम पहली पे-स्लिप से ही पक्की होगी।
कौन-कौन से भत्ते और लाभ मिलते हैं
आंगनवाड़ी सुपरवाइजर सैलरी UP (anganwadi supervisor salary UP) का एक बड़ा हिस्सा भत्तों से बनता है। ये भत्ते ही हैं, जो इस पद को मानदेय वाले पदों से अलग खड़ा करते हैं। नीचे वे मुख्य भत्ते और लाभ दिए गए हैं, जिनका जिक्र UP मुख्य सेविका से जुड़े लेखों में मिलता है।
- महंगाई भत्ता (DA): बेसिक पे का एक प्रतिशत, जो महंगाई के हिसाब से समय-समय पर बढ़ता है।
- मकान किराया भत्ता (HRA): पोस्टिंग वाले शहर की श्रेणी के हिसाब से; बड़े शहर में ज्यादा, ग्रामीण पोस्टिंग में कम।
- यात्रा भत्ता (TA): फील्ड में केंद्रों के निरीक्षण के लिए, सरकारी नियमों के अनुसार।
- चिकित्सा सुविधा: मेडिकल और बीमा लाभ, राज्य नियमों के अनुसार।
- छुट्टी यात्रा रियायत (LTC): नियमानुसार मिलने वाली सुविधा।
- छुट्टी नकदीकरण: जमा छुट्टियों से जुड़ा लाभ, नियमानुसार।
- पेंशन (NPS): सेवानिवृत्ति के लिए अंशदान आधारित व्यवस्था।
NPS के बारे में एक बात साफ समझ लें। नियमित सरकारी कर्मचारी के वेतन से NPS के लिए एक तय अंशदान कटता है, और सरकार की ओर से भी एक अंशदान जुड़ता है। एक राष्ट्रीय स्तर के लेख के अनुसार, यह व्यवस्था बेसिक पे और DA पर कर्मचारी की ओर से 10 प्रतिशत और सरकार की ओर से 14 प्रतिशत के हिसाब से बताई गई है। जो लोग 1 जनवरी 2004 से पहले सेवा में आए थे, वे पुरानी पेंशन योजना के दायरे में आते हैं, लेकिन नई भर्ती के लिए NPS ही लागू व्यवस्था है।
कार्यकर्ता, सहायिका और सुपरवाइजर: तीनों की तुलना एक नजर में
- आंगनवाड़ी कार्यकर्ता: तय मानदेय — ₹4,500 के साथ राज्य-केंद्र प्रोत्साहन; DA-HRA लागू नहीं।
- आंगनवाड़ी सहायिका: तय मानदेय — ₹3,000 के साथ प्रोत्साहन; वेतनमान वाला पद नहीं।
- आंगनवाड़ी सुपरवाइजर (मुख्य सेविका): लेवल 5 वेतनमान, बेसिक पे ₹29,200, DA-HRA-TA भत्ते, NPS-मेडिकल लाभ।
कौन बन सकता है मुख्य सेविका: पात्रता
अब सवाल यह है कि आंगनवाड़ी सुपरवाइजर सैलरी UP पाने के लिए UP में मुख्य सेविका बनने के लिए क्या योग्यता चाहिए। यहाँ हम पिछली UPSSSC मुख्य सेविका भर्ती (विज्ञापन संख्या 05-परीक्षा/2022, कुल 2,693 पद) की शर्तों को उदाहरण के तौर पर दे रहे हैं, क्योंकि यही सबसे हाल की पूरी तरह दर्ज भर्ती है। नई भर्ती में शर्तें बदल सकती हैं, इसलिए नई भर्ती का नोटिफिकेशन ही आखिरी सच होगा।
- लिंग: यह पद केवल महिला अभ्यर्थियों के लिए था।
- शैक्षिक योग्यता: कला स्नातक (Bachelor’s Degree in Arts), जिसमें समाजशास्त्र, समाज कार्य, गृह विज्ञान या पोषण एवं बाल विकास में से कोई एक विषय डिग्री स्तर पर हो। साथ ही UPSSSC PET 2021 का स्कोर कार्ड जरूरी था।
- आयु सीमा: 1 जुलाई 2022 को न्यूनतम 21 वर्ष और अधिकतम 40 वर्ष, नियमानुसार आरक्षित वर्गों को छूट के साथ।
- आवेदन शुल्क: सभी वर्गों के लिए ₹25, SBI I-Collect या ई-चालान से।
ध्यान देने वाली बात यह है कि कुछ सामान्य लेखों में सिर्फ “किसी भी विषय में स्नातक” लिखा मिलता है, जबकि UPSSSC की 2022 की भर्ती में विषय की यह खास शर्त भी थी। इसलिए “कोई भी स्नातक चलेगा” वाली बात को UP के लिए पक्का मत मानिए। आप जिस भर्ती में आवेदन करें, उसके नोटिफिकेशन में विषय वाली शर्त को सबसे पहले पढ़ें।
चयन प्रक्रिया: PET से लेकर दस्तावेज सत्यापन तक
आंगनवाड़ी सुपरवाइजर सैलरी UP पाने के लिए UP में मुख्य सेविका का चयन सीधी भर्ती की तरह सिर्फ एक फॉर्म भरने से नहीं होता। इसमें UPSSSC की तय प्रक्रिया से गुजरना होता है। पिछली भर्ती के आधार पर यह प्रक्रिया कुछ इस तरह थी।
- पहला चरण — PET: UPSSSC की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) का स्कोर कार्ड मुख्य परीक्षा के लिए पात्रता की बुनियाद था।
- दूसरा चरण — मुख्य लिखित परीक्षा: 100 अंकों की परीक्षा, 2 घंटे की अवधि, जिसमें संबंधित विषयों से प्रश्न पूछे गए। हर गलत उत्तर पर 0.25 अंक की नकारात्मक अंकन थी।
- तीसरा चरण — दस्तावेज सत्यापन: लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जाँच हुई।
- अंतिम चरण — मेरिट और अंतिम परिणाम: मेरिट और श्रेणीवार कट-ऑफ के आधार पर अंतिम चयन हुआ। 2022 की भर्ती का अंतिम परिणाम 2 जुलाई 2025 को जारी हुआ था।
मुख्य सेविका का असली काम क्या होता है
आंगनवाड़ी सुपरवाइजर सैलरी UP जानने के बाद काम भी जान लें — मुख्य सेविका किसी एक केंद्र को नहीं, बल्कि कई केंद्रों की निगरानी करती है।
- केंद्रों की निगरानी: अपने क्षेत्र के आंगनवाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण करना और यह देखना कि पोषण, स्वास्थ्य और प्री-स्कूल शिक्षा की सेवाएँ सही तरीके से मिल रही हैं या नहीं।
- कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन: आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को काम में मार्गदर्शन देना और उनकी ट्रेनिंग व क्षमता-विकास में मदद करना।
- योजनाओं का क्रियान्वयन: ICDS, मिशन शक्ति और पोषण से जुड़ी योजनाओं को जमीन पर सही तरीके से लागू करवाना।
- रिकॉर्ड और रिपोर्टिंग: बच्चों के विकास, उपस्थिति, पोषण वितरण और स्वास्थ्य संकेतकों से जुड़े रिकॉर्ड रखना और उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजना।
- स्वास्थ्य विभाग से तालमेल: ASHA, ANM और ब्लॉक स्तर के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर काम करना।
- समुदाय से जुड़ाव: जागरूकता कार्यक्रम चलाना और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना।
प्रमोशन और करियर की राह
आंगनवाड़ी सुपरवाइजर सैलरी UP वाली नियमित नौकरी में आगे बढ़ने की राह भी है — अनुभव और विभागीय परीक्षा के आधार पर सुपरवाइजर बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) की ओर बढ़ सकती हैं।
CDPO ब्लॉक स्तर के ICDS कार्यक्रम का प्रभारी होता है और कई सुपरवाइजरों की निगरानी करता है। सुपरवाइजर से CDPO बनने के लिए आमतौर पर 8–12 वर्ष की सेवा और विभागीय परीक्षा का जिक्र मिलता है। लेकिन यह समय-सीमा हर राज्य में एक जैसी नहीं होती, इसलिए UP के लिए इसे पक्का नियम मत मानिए — विभागीय नियम और उस समय का नोटिफिकेशन ही तय करेगा कि प्रमोशन कब और कैसे होगा।
एक और राह भी है, जिसके बारे में जानना जरूरी है। कई लेखों में यह दावा मिलता है कि सुपरवाइजर के आधे पद सेवारत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए आरक्षित होते हैं, जिनके पास 5 वर्ष का अनुभव हो। यह दावा एक लोकसभा उत्तर के हवाले से दिया गया है, लेकिन UP की किसी खास भर्ती में यह कोटा कैसे लागू हुआ, इसकी अलग से पुष्टि इस लेख में नहीं की गई है। इसलिए अगर आप सेवारत कार्यकर्ता हैं, तो अपने जिले या विभाग के नोटिफिकेशन में कोटे की शर्त को जरूर जाँच लें।
इन गलत आंकड़ों से बचिए
आंगनवाड़ी सुपरवाइजर सैलरी UP (anganwadi supervisor salary UP) के बारे में इंटरनेट पर सबसे ज्यादा भ्रम गलत आंकड़ों से फैलता है। नीचे तीन आम गलतियाँ दी गई हैं, जिनसे आपको बचना है।
- दूसरे राज्य का आंकड़ा UP का बताना: ओडिशा में सुपरवाइजर का पे-लेवल 8 है, महाराष्ट्र में अलग ढांचा है। उन राज्यों की सैलरी को UP की सैलरी समझना गलत होगा। UP के लिए लेवल 5 और बेसिक पे ₹29,200 ही आधार है।
- मानदेय और वेतनमान को एक समझना: कई लेख सुपरवाइजर को भी मानदेय वाला पद बता देते हैं और ₹20,000–₹27,000 जैसी रकम लिख देते हैं। यह UPSSSC के नियमित वेतनमान से मेल नहीं खाता।
- पुराना पे-बैंड ही असली सैलरी समझना: ₹5,200–₹20,200 देखकर यह सोचना कि सैलरी इतनी ही है, गलत है। यह 6th Pay Commission का पुराना बैंड है; असली हिसाब 7th Pay Commission के पे-मैट्रिक्स से होता है।
इन गलतियों से बचने का सबसे आसान तरीका यह है कि किसी भी लेख में सिर्फ इन-हैंड का आंकड़ा मत देखें। यह देखें कि उसमें पे-लेवल, बेसिक पे, DA और HRA का जिक्र है या नहीं, और स्रोत का नाम व तारीख दी गई है या नहीं। जिस लेख में ये तीनों बातें न हों, उस पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन जरूर देखें।
आधिकारिक जानकारी कहाँ से जाँचें
आंगनवाड़ी सुपरवाइजर सैलरी UP से जुड़ी कोई भी जानकारी आखिरी बार जाँचने के लिए हमेशा आधिकारिक स्रोत को ही आधार बनाएँ। UPSSSC की भर्तियों के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट देखें: UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट। नई भर्ती, सिलेबस, उत्तर कुंजी और परिणाम से जुड़ी सूचना सबसे पहले वहीं जारी होती है।
UP में ICDS और आंगनवाड़ी से जुड़ी योजनाओं की जानकारी के लिए राज्य के ICDS पोर्टल को देखें: UP ICDS पोर्टल। ध्यान रहे, इस लेख में इन दोनों को पोर्टल के तौर पर जोड़ा गया है; किसी खास भर्ती की सैलरी-स्लिप या नोटिफिकेशन PDF का सीधा लिंक यहाँ दावा करके नहीं दिया गया है, क्योंकि इस शोध में वह PDF सीधे तौर पर खुलकर सत्यापित नहीं हो पाया था। नई भर्ती आते ही उसका नोटिफिकेशन PDF ही सैलरी और पात्रता का आखिरी प्रमाण होगा।
सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए यह लेख भी देखें: आयुष्मान भारत कार्ड कैसे बनवाएँ 2026। UP में एक और सैलरी-तुलना के लिए देखें: प्राइवेट स्कूल टीचर सैलरी UP।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
UP में आंगनवाड़ी आंगनवाड़ी सुपरवाइजर सैलरी UP कितनी है?
UP में आंगनवाड़ी सुपरवाइजर सैलरी UP के तहत लेवल 5 में शुरुआती बेसिक पे ₹29,200 प्रति माह है, और पे-रेंज ₹29,200 से ₹92,300 तक है। भत्तों और कटौतियों के बाद अनुमानित इन-हैंड सैलरी लगभग ₹37,000–₹43,000 प्रति माह बताई गई है, जो शहर और DA की दर से बदल सकती है।
क्या UP आंगनवाड़ी सुपरवाइजर एक स्थायी सरकारी नौकरी है?
हाँ। UP में मुख्य सेविका UPSSSC के जरिए भरा जाने वाला नियमित सरकारी पद है। कार्यकर्ता और सहायिका मानदेय पर काम करती हैं, जबकि सुपरवाइजर को वेतनमान, भत्ते, NPS पेंशन और प्रमोशन की राह मिलती है।
UP आंगनवाड़ी सुपरवाइजर का पे-लेवल और ग्रेड पे क्या है?
इस पद का पे-लेवल 7th Pay Commission में लेवल 5 है। पुराने ढांचे में इसे पे-बैंड 1 (₹5,200–₹20,200) और ग्रेड पे ₹2,800 के साथ बताया जाता है।
UP में मुख्य सेविका बनने के लिए क्या योग्यता चाहिए?
पिछली UPSSSC भर्ती (2022) के अनुसार, केवल महिला अभ्यर्थी, कला स्नातक डिग्री जिसमें समाजशास्त्र, समाज कार्य, गृह विज्ञान या पोषण एवं बाल विकास में से कोई एक विषय हो, साथ में UPSSSC PET स्कोर कार्ड जरूरी था। आयु 21–40 वर्ष थी। नई भर्ती में शर्तें बदल सकती हैं।
आंगनवाड़ी सुपरवाइजर की इन-हैंड सैलरी कार्यकर्ता के मानदेय से कितनी ज्यादा है?
बहुत ज्यादा। कार्यकर्ता का मानदेय कुछ हजार रुपये के दायरे में होता है, जबकि आंगनवाड़ी सुपरवाइजर सैलरी UP की अनुमानित इन-हैंड सैलरी ₹37,000–₹43,000 के आसपास बताई गई है। यही फर्क इस पद को ICDS ढांचे में सबसे बड़ी छलांग बनाता है।
UP आंगनवाड़ी सुपरवाइजर का चयन कैसे होता है?
UPSSSC की प्रक्रिया में PET स्कोर से शॉर्टलिस्टिंग, फिर 100 अंकों की मुख्य लिखित परीक्षा (2 घंटे, गलत उत्तर पर 0.25 अंक की कटौती), उसके बाद दस्तावेज सत्यापन और मेरिट के आधार पर अंतिम चयन होता है।
निष्कर्ष
आखिर में आंगनवाड़ी सुपरवाइजर सैलरी UP के बारे में बात एक लाइन में समझ लें — आंगनवाड़ी सुपरवाइजर सैलरी UP (anganwadi supervisor salary UP) कोई मानदेय नहीं है, बल्कि लेवल 5 के वेतनमान वाली नियमित सरकारी सैलरी है, जिसकी शुरुआत ₹29,200 के बेसिक पे से होती है। भत्तों के बाद हाथ में आने वाली रकम पोस्टिंग और DA की दर पर निर्भर करती है, इसलिए किसी एक आंकड़े को पक्का मत मानिए।
अगर आप इस पद की तैयारी कर रही हैं, तो सबसे पहले UPSSSC के नए नोटिफिकेशन का इंतजार करें और उसमें पे-लेवल, विषय वाली पात्रता शर्त और आयु सीमा को ध्यान से पढ़ें। सही जानकारी के साथ तैयारी करना ही इस पद तक पहुँचने का सबसे सीधा रास्ता है।

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