Private school teacher ki salary UP me kitni hoti hai 2026 | प्राइवेट स्कूल टीचर की सैलरी यूपी में कितनी होती है

Private school teacher ki salary UP me kitni hoti hai 2026 – प्राइवेट स्कूल टीचर की सैलरी यूपी में कितनी होती है, यह सवाल पूछने वाले हर व्यक्ति को एक ही नंबर चाहिए होता है, लेकिन सच यह है कि यूपी में प्राइवेट स्कूल टीचर की सैलरी का कोई एक नंबर है ही नहीं। प्राइवेट स्कूल टीचर की सैलरी यूपी में कितनी होती है, इसका सही जवाब एक रेंज है, जो स्कूल के टाइप, पढ़ाई जाने वाली कक्षा, विषय, जिले और आपके अनुभव पर निर्भर करती है। छोटे प्राइवेट स्कूल में यह ₹5,000–₹10,000 प्रतिमाह से भी शुरू हो सकती है, और बड़े CBSE या ICSE स्कूल में अनुभवी PGT टीचर की सैलरी ₹50,000–₹65,000 प्रतिमाह तक भी जा सकती है।

इस लेख में हम सरकारी सैलरी को प्राइवेट सैलरी के साथ मिलाकर भ्रम नहीं फैलाएंगे। प्राइवेट स्कूल टीचर की सैलरी यूपी में कितनी होती है, इसका जवाब लेवल के हिसाब से, स्कूल टाइप के हिसाब से और जिले के हिसाब से अलग-अलग तालिकाओं में देंगे। साथ में बताएंगे कि कौन सी सैलरी खबरें भरोसेमंद हैं, EPF और न्यूनतम वेतन की असली स्थिति क्या है, और अपनी सैलरी बढ़ाने के लिए क्या-क्या कर सकते हैं। जहां आंकड़ा किसी एक विज्ञापन या रिपोर्ट से लिया गया है, वहां उसे साफ लिखा गया है, ताकि आप उसे औसत समझने की गलती न करें।

इस लेख में:

  • प्राइवेट स्कूल टीचर की सैलरी यूपी में कितनी होती है — सीधा जवाब
  • लेवल के हिसाब से सैलरी (प्री-प्राइमरी, PRT, TGT, PGT)
  • स्कूल टाइप और जिले के हिसाब से सैलरी
  • सैलरी को प्रभावित करने वाले फैक्टर
  • EPF, न्यूनतम वेतन और इन-हैंड vs CTC
  • सैलरी बढ़ाने के तरीके और बातचीत की चेकलिस्ट
  • आम गलतियां जिनसे बचना है
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
  • निष्कर्ष
Private school teacher ki salary UP me kitni hoti hai
जानकारीविवरण
मुख्य सवालप्राइवेट स्कूल टीचर की सैलरी यूपी में कितनी होती है
सीधा जवाबकोई एक नंबर नहीं है; आम रेंज ₹15,000–₹30,000 प्रतिमाह है, लेकिन यह ₹5,000 से ₹65,000 तक फैली हुई है
प्राइवेट प्राइमरी (औसत)एक स्रोत के अनुसार ₹15,000–₹18,000 प्रतिमाह
सरकारी प्राइमरी से तुलनासरकारी प्राइमरी टीचर का इन-हैंड वेतन ₹40,000–₹45,000 प्रतिमाह बताया गया है
सबसे ज्यादा असरस्कूल का टाइप, कक्षा स्तर, विषय और जिला
सबसे बड़ी सावधानीविज्ञापन में लिखा “up to” अधिकतम सैलरी है, शुरुआती सैलरी नहीं

प्राइवेट स्कूल टीचर की सैलरी यूपी में कितनी होती है: सीधा जवाब

Private school teacher ki salary UP me kitni hoti hai, यह जानने से पहले यह समझ लीजिए कि प्राइवेट स्कूलों में सरकारी जैसा कोई एक पे-स्केल नहीं होता। सरकारी स्कूल में पे-लेवल, बेसिक पे, DA और HRA तय होते हैं, लेकिन प्राइवेट स्कूल में सैलरी स्कूल प्रबंधन तय करता है। इसलिए दो पड़ोसी स्कूलों में भी एक ही योग्यता वाले दो टीचरों की सैलरी में ₹10,000–₹20,000 का अंतर होना आम बात है.

प्राइवेट स्कूल टीचर की सैलरी यूपी में कितनी होती है, यह जानने के लिए एक तुलना वेबसाइट के अनुसार, यूपी में प्राइवेट स्कूल टीचर की आम सैलरी ₹15,000–₹30,000 प्रतिमाह के बीच बताई गई है। एक अन्य स्रोत के अनुसार, प्राइवेट प्राइमरी टीचर की औसत सैलरी ₹15,000–₹18,000 प्रतिमाह है, जो सरकारी प्राइमरी टीचर की सैलरी का लगभग 50–70% है। ये आंकड़े औसत की तस्वीर देते हैं, लेकिन आपकी असली सैलरी इससे कम या ज्यादा हो सकती है। नीचे दी गई तालिका से लेवल के हिसाब से पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी।

लेवलआम सैलरी रेंज (प्रतिमाह)टिप्पणी
प्री-प्राइमरी / नर्सरी₹5,000–₹25,000छोटे स्कूलों में सबसे कम, बड़े स्कूलों में ₹40,000 तक का विज्ञापन भी देखा गया है
PRT (कक्षा 1–5)₹12,000–₹30,000प्राइवेट प्राइमरी का औसत ₹15,000–₹18,000 बताया गया है
TGT (कक्षा 6–10)₹20,000–₹50,000गणित, विज्ञान, अंग्रेजी में मांग ज्यादा, सैलरी भी ज्यादा
PGT (कक्षा 11–12)₹25,000–₹65,000अनुभवी CBSE/ICSE PGT के लिए ऊपरी रेंज देखी गई है
कंप्यूटर / विशेष विषय₹20,000–₹50,000तकनीकी विषयों में अनुभवी टीचर की मांग अच्छी है

Private school teacher ki salary UP me kitni hoti hai, इस सवाल की ये रेंज अक्टूबर 2026 के लाइव जॉब विज्ञापनों और सैलरी स्रोतों से बनाई गई हैं, और इन्हें किसी एक स्कूल का वादा नहीं समझना चाहिए। प्राइवेट स्कूल टीचर की सैलरी यूपी में कितनी होती है, यह हर स्कूल की फीस, छात्रों की संख्या, बोर्ड और शहर के हिसाब से सैलरी बदलती है.

प्राइवेट स्कूल टीचर की सैलरी यूपी में कितनी होती है: लाइव विज्ञापनों से क्या पता चलता है

अक्टूबर 2026 के लाइव जॉब विज्ञापनों को देखने से प्राइवेट स्कूल टीचर की सैलरी यूपी में कितनी होती है, इसका जमीनी सच सामने आता है। नोएडा के एक स्कूल में PRT और TGT टीचर के लिए ₹6,000–₹20,000 प्रतिमाह का विज्ञापन था, जिसमें खाना और आवास भी दिया जा रहा था। यानी नकद सैलरी कम दिखने पर भी रहने-खाने की सुविधा उसकी असली कीमत बढ़ा देती है।

दूसरी तरफ, नोएडा के ही एक CBSE स्कूल में TGT हिंदी टीचर के लिए ₹65,000 प्रतिमाह तक की सैलरी का विज्ञापन था, लेकिन इसके लिए BA + B.Ed और कम से कम 4 साल का अनुभव मांगा गया था। ग्रेटर नोएडा में PGT अर्थशास्त्र के लिए ₹50,000 प्रतिमाह तक, नोएडा में प्री-प्राइमरी और प्राइमरी टीचर के लिए ₹40,000 प्रतिमाह तक, और गाजियाबाद में PRT कंप्यूटर टीचर के लिए ₹50,000 प्रतिमाह तक के विज्ञापन देखे गए हैं। इन सभी में “up to” शब्द पर ध्यान दें — यह अधिकतम सीमा है, न कि हर नए टीचर को मिलने वाली शुरुआती सैलरी।

छोटे शहरों की तस्वीर अलग है। अलीगढ़ में TGT गणित के लिए ₹35,000–₹40,000 प्रतिमाह, महाराजगंज जिले के कोल्हुई में PGT शारीरिक शिक्षा के लिए ₹25,000–₹30,000 प्रतिमाह के साथ आवास, और कन्नौज जिले के छिबरामऊ में एक ICSE स्कूल में TGT अंग्रेजी के लिए ₹40,000–₹65,000 प्रतिमाह के साथ आवास का विज्ञापन देखा गया है। लखनऊ में प्री-प्राइमरी टीचर के लिए ₹5,000–₹10,000 प्रतिमाह का एक पुराना विज्ञापन भी मिला है, जो छोटे स्कूलों के निचले स्तर की याद दिलाता है।

इन उदाहरणों से एक बात साफ है: प्राइवेट स्कूल टीचर की सैलरी यूपी में कितनी होती है, इसका जवाब जिले से ज्यादा स्कूल की हैसियत और आपकी योग्यता पर निर्भर करता है। एक ही जिले में भी ₹10,000 और ₹50,000, दोनों तरह की सैलरी एक साथ मौजूद हो सकती है।

स्कूल टाइप और जिले के हिसाब से सैलरी

स्कूल के टाइप के हिसाब से

स्कूल का टाइपआम सैलरी रेंज (प्रतिमाह)खास बात
छोटा प्राइवेट / मोहल्ला स्कूल₹5,000–₹15,000अक्सर EPF नहीं, सैलरी नकद भी दी जाती है (रिपोर्टों के अनुसार)
UP बोर्ड से संबद्ध स्कूल₹12,000–₹25,000फीस कम होने से सैलरी भी सीमित रहती है
CBSE / ICSE स्कूल (मध्यम)₹20,000–₹40,000अंग्रेजी में पढ़ाने की क्षमता पर जोर दिया जाता है
बड़ा CBSE / ICSE / इंटरनेशनल स्कूल₹35,000–₹65,000अनुभव, डेमो क्लास और बोर्ड रिजल्ट का रिकॉर्ड देखा जाता है
कोचिंग / ट्यूशन (अलग क्षेत्र)अलग गणनाट्यूटर की सैलरी का औसत एक पोर्टल पर ₹26,248 बताया गया है, लेकिन यह स्कूल टीचर की सैलरी नहीं है

जिले के हिसाब से

जिला / क्षेत्रआम रेंज (प्रतिमाह)टिप्पणी
नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद₹20,000–₹65,000दिल्ली-NCR के पास होने से बड़े स्कूल ज्यादा, ऊपरी रेंज भी ज्यादा
लखनऊ, कानपुर₹12,000–₹45,000मध्यम रेंज सबसे आम, बड़े स्कूलों में ऊपरी रेंज भी मिलती है
अलीगढ़, आगरा, वाराणसी, प्रयागराज₹15,000–₹40,000विषय और अनुभव के हिसाब से अंतर बड़ा है
छोटे जिले और ग्रामीण क्षेत्र₹5,000–₹25,000फीस कम, इसलिए सैलरी भी कम; आवास की सुविधा कभी-कभी मिलती है

Private school teacher ki salary UP me kitni hoti hai, यह समझते समय जिले की तालिका को पढ़ते समय यह याद रखें कि ये रेंज विज्ञापनों और स्रोतों से बनी हैं, न कि किसी सरकारी सर्वे से। अगर आप किसी खास जिले में नौकरी खोज रहे हैं, तो उस जिले के 10–15 ताजा विज्ञापनों की सैलरी खुद नोट करें — वही आपके लिए सबसे सही तस्वीर होगी.

प्राइवेट स्कूल टीचर की सैलरी यूपी में कितनी होती है: सैलरी को प्रभावित करने वाले फैक्टर

प्राइवेट स्कूल टीचर की सैलरी यूपी में कितनी होती है, यह तय करने वाले सबसे बड़े फैक्टर ये हैं:

  • कक्षा स्तर: प्री-प्राइमरी से PGT की ओर बढ़ते हुए सैलरी बढ़ती है। कक्षा 11–12 पढ़ाने वाले टीचर को आमतौर पर सबसे ज्यादा सैलरी मिलती है।
  • विषय: गणित, विज्ञान, अंग्रेजी और कंप्यूटर जैसे विषयों में मांग ज्यादा है, इसलिए इनकी सैलरी भी ज्यादा होती है। हिंदी और सामाजिक विज्ञान में प्रतियोगिता ज्यादा होने से सैलरी अपेक्षाकृत कम रह सकती है।
  • अंग्रेजी में पढ़ाने की क्षमता: CBSE और ICSE स्कूलों में अंग्रेजी में धाराप्रवाह पढ़ाना सैलरी बढ़ाने वाला सबसे बड़ा फैक्टर है। विषय चुनते समय इस बात को ध्यान में रखें — शिक्षक बनने के लिए BA में कौन सा विषय लें लेख में विषय चुनाव पर विस्तार से बताया गया है।
  • अनुभव और बोर्ड रिजल्ट: 5–10 साल के अनुभव और अच्छे बोर्ड रिजल्ट वाले टीचर की बातचीत की ताकत नए टीचर से कहीं ज्यादा होती है।
  • योग्यता: B.Ed, CTET या State TET पास होने से बड़े स्कूलों में प्राथमिकता मिलती है, और सैलरी भी बेहतर होती है। बिना योग्यता के छोटे स्कूलों तक ही सीमित रहना पड़ सकता है।
  • डेमो क्लास: प्राइवेट स्कूलों में डेमो क्लास ही असली इंटरव्यू है। अच्छा डेमो सीधे सैलरी पर असर डालता है।

EPF, न्यूनतम वेतन और इन-हैंड vs CTC की सच्चाई

प्राइवेट स्कूल टीचर की सैलरी यूपी में कितनी होती है, यह पूछते समय सिर्फ महीने की रकम न देखें, बल्कि यह भी देखें कि उसमें क्या-क्या शामिल है। कई छोटे स्कूलों में EPF (भविष्य निधि) और बीमा की सुविधा नहीं दी जाती है, ऐसा एक न्यूज रिपोर्ट में बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, शिक्षा विभाग ने निर्देश दिया है कि प्राइवेट स्कूलों के टीचरों को कुशल श्रमिकों के लिए तय न्यूनतम मानदेय (एक रिपोर्ट के अनुसार ₹13,186) से कम वेतन न दिया जाए, और EPF व बीमा की सुविधा दी जाए।

लेकिन यह भी सच है कि कई स्कूलों में इन निर्देशों का पालन नहीं होता है, ऐसा उसी रिपोर्ट में कहा गया है। इसलिए नौकरी जॉइन करने से पहले ये सवाल जरूर पूछें: सैलरी बैंक खाते में आएगी या नकद? EPF कटेगा या नहीं? छुट्टियां कितनी मिलेंगी? गर्मी की छुट्टियों में सैलरी मिलेगी या नहीं? ये सवाल पूछना आपका हक है, और इनके जवाब ही असली सैलरी तय करते हैं।

प्राइवेट स्कूल टीचर की सैलरी यूपी में कितनी होती है, यह पूछते समय एक और भ्रम CTC और इन-हैंड सैलरी का है। विज्ञापन में ₹40,000 CTC लिखा हो, तो इन-हैंड सैलरी उससे कम हो सकती है, क्योंकि उसमें EPF, बीमा और अन्य मद भी जुड़े हो सकते हैं। हमेशा ऑफर लेटर में इन-हैंड सैलरी साफ लिखवाएं। अगर स्कूल सिर्फ मौखिक वादा कर रहा है, तो उसे लिखित में लेने की मांग करें।

प्राइवेट स्कूल टीचर की सैलरी यूपी में कितनी होती है, इसकी सरकारी स्कूल से तुलना करें, तो फर्क साफ दिखता है। सरकारी प्राइमरी टीचर का इन-हैंड वेतन ₹40,000–₹45,000 प्रतिमाह बताया गया है, जिसमें DA, HRA, मेडिकल और NPS जैसी सुविधाएं भी होती हैं। प्राइवेट स्कूल में ऐसी सुविधाएं हर जगह नहीं मिलतीं। इसलिए सिर्फ महीने की रकम की तुलना करना अधूरा होगा — सुविधाओं की तुलना भी करें। सरकारी करियर के बारे में जानने के लिए सरकारी शिक्षक बनने के लिए उम्र कितनी होनी चाहिए लेख पढ़ें।

प्राइवेट स्कूल टीचर की सैलरी यूपी में कितनी होती है: सैलरी बढ़ाने के तरीके और बातचीत की चेकलिस्ट

  • प्राइवेट स्कूल टीचर की सैलरी यूपी में कितनी होती है, यह बढ़ाने के लिए विषय में गहराई बढ़ाएं: जिस विषय को आप पढ़ाते हैं, उसमें बोर्ड के पिछले 5 साल के प्रश्नपत्र और नई किताबों पर पकड़ बनाएं।
  • अंग्रेजी और कंप्यूटर पर काम करें: स्मार्ट क्लास, ऑनलाइन टेस्ट और डिजिटल पढ़ाई में दक्षता आज बड़े स्कूलों की पहली मांग है।
  • CTET या State TET पास करें: यह सिर्फ सरकारी नौकरी के लिए नहीं, बल्कि प्राइवेट स्कूलों में भी सैलरी बढ़ाने का काम करता है।
  • डेमो क्लास की तैयारी करें: इंटरव्यू से पहले उस कक्षा के एक टॉपिक की 20 मिनट की डेमो तैयार रखें। डेमो में बच्चों से सवाल पूछना और बोर्ड का साफ इस्तेमाल करना सबसे ज्यादा असर डालता है।
  • बातचीत में तथ्य रखें: पिछली सैलरी स्लिप, बोर्ड रिजल्ट और अनुभव प्रमाण पत्र साथ रखें। “मुझे इतना चाहिए” कहने के बजाय “मेरे विषय में इस जिले के बड़े स्कूलों में यह रेंज है” कहना ज्यादा असरदार होता है।
  • लिखित ऑफर लें: जॉइन करने से पहले सैलरी, EPF, छुट्टियां और काम के घंटे लिखित में लें। मौखिक वादे पर नौकरी छोड़कर न जाएं।
  • लंबी अवधि का रास्ता देखें: अगर आप कॉलेज की ओर बढ़ना चाहते हैं, तो PG और NET का रास्ता भी खुला है — बीएड कॉलेज के लिए सहायक प्रोफेसर की योग्यता लेख में इसकी जानकारी मिलेगी।

आम गलतियां जिनसे बचना है

  • “Up to” को शुरुआती सैलरी समझना: विज्ञापन में ₹65,000 तक लिखा हो, तो इसका मतलब यह नहीं है कि हर नए टीचर को ₹65,000 मिलेंगे। यह अधिकतम सीमा है।
  • सरकारी और प्राइवेट सैलरी को मिलाना: UPTET या सरकारी पे-स्केल के आंकड़ों को प्राइवेट सैलरी समझना गलत है। दोनों की गणना अलग है।
  • सिर्फ नकद सैलरी देखना: EPF, छुट्टियां, आवास और खाने की सुविधा के बिना नकद सैलरी की तुलना अधूरी है।
  • बिना लिखित ऑफर के पुरानी नौकरी छोड़ना: नया स्कूल जॉइन करने से पहले लिखित ऑफर जरूर लें।
  • एक ही विज्ञापन को औसत मान लेना: एक स्कूल की सैलरी से पूरे जिले का औसत नहीं निकलता। कम से कम 10 विज्ञापन देखें, तब निष्कर्ष निकालें।
प्राइवेट स्कूल में सैलरी बातचीत और ऑफर चेकलिस्ट

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्राइवेट स्कूल टीचर की सैलरी यूपी में कितनी होती है?

प्राइवेट स्कूल टीचर की सैलरी यूपी में आम तौर पर ₹15,000–₹30,000 प्रतिमाह के बीच बताई गई है। लेकिन यह रेंज स्कूल, लेवल, विषय और जिले के हिसाब से ₹5,000 से ₹65,000 प्रतिमाह तक फैली हुई है। इसलिए कोई एक नंबर बताना सही नहीं होगा।

यूपी में प्राइवेट प्राइमरी टीचर की सैलरी कितनी है?

प्राइवेट स्कूल टीचर की सैलरी यूपी में कितनी होती है, इस सवाल के प्राइमरी वाले हिस्से का जवाब है कि एक स्रोत के अनुसार, प्राइवेट प्राइमरी टीचर की औसत सैलरी ₹15,000–₹18,000 प्रतिमाह है। छोटे स्कूलों में यह इससे कम भी हो सकती है, और बड़े CBSE स्कूलों में इससे ज्यादा भी।

CBSE स्कूल में टीचर की सैलरी कितनी होती है?

प्राइवेट स्कूल टीचर की सैलरी यूपी में कितनी होती है, इस सवाल के CBSE वाले हिस्से में सैलरी का दायरा काफी बड़ा है। मध्यम CBSE स्कूलों में ₹20,000–₹40,000 प्रतिमाह आम है, जबकि बड़े CBSE या ICSE स्कूलों में अनुभवी TGT और PGT टीचर को ₹50,000–₹65,000 प्रतिमाह तक का विज्ञापन भी देखा गया है।

प्राइवेट स्कूल टीचर की सैलरी यूपी में कितनी होती है — क्या EPF मिलता है?

प्राइवेट स्कूल टीचर की सैलरी यूपी में कितनी होती है, इस सवाल के EPF वाले हिस्से का जवाब है कि हर स्कूल में नहीं। रिपोर्टों के अनुसार, कई प्राइवेट स्कूलों में EPF और बीमा की सुविधा नहीं दी जाती, हालांकि विभाग ने इसे लागू करने के निर्देश दिए हैं। नौकरी जॉइन करने से पहले EPF, सैलरी का माध्यम (बैंक या नकद) और छुट्टियों की नीति लिखित में जरूर जांचें।

लखनऊ में प्राइवेट टीचर की सैलरी कितनी है?

प्राइवेट स्कूल टीचर की सैलरी यूपी में कितनी होती है, इस सवाल के लखनऊ वाले हिस्से में आम रेंज ₹12,000–₹45,000 प्रतिमाह के बीच देखी गई है। छोटे स्कूलों में प्री-प्राइमरी के लिए ₹5,000–₹10,000 का विज्ञापन भी मिला है, जबकि बड़े स्कूलों में अनुभवी टीचर को ऊपरी रेंज मिलती है।

प्राइवेट टीचर की सैलरी कैसे बढ़ाएं?

प्राइवेट स्कूल टीचर की सैलरी यूपी में कितनी होती है, यह बढ़ाने के लिए विषय में गहराई, अंग्रेजी में पढ़ाने की क्षमता, CTET या State TET, अच्छा डेमो क्लास और बोर्ड रिजल्ट का रिकॉर्ड — यही पांच चीजें सैलरी बढ़ाती हैं। साथ में हर 2–3 साल में अपनी सैलरी की तुलना जिले के ताजा विज्ञापनों से करते रहें, ताकि आप बाजार से पीछे न रह जाएं।

निष्कर्ष

प्राइवेट स्कूल टीचर की सैलरी यूपी में कितनी होती है, इसका ईमानदार जवाब यही है कि यह एक रेंज है, एक नंबर नहीं। आम रेंज ₹15,000–₹30,000 प्रतिमाह है, लेकिन आपकी असली सैलरी स्कूल के टाइप, कक्षा स्तर, विषय, जिले और अनुभव से तय होगी। विज्ञापन में लिखे “up to” आंकड़े से भ्रमित न हों, EPF और छुट्टियों जैसी सुविधाओं को भी सैलरी का हिस्सा मानें, और हर ऑफर को लिखित में लें।

प्राइवेट स्कूल टीचर की सैलरी यूपी में कितनी होती है, यह जानने के बाद अगर आप लंबे समय तक पढ़ाने का करियर चाहते हैं, तो TET पास करना और अपनी योग्यता बढ़ाना सबसे सुरक्षित निवेश है, क्योंकि इससे सरकारी और बड़े प्राइवेट, दोनों तरह के दरवाजे खुलते हैं। इससे जुड़े ये लेख भी पढ़ें: शिक्षक बनने के लिए BA में कौन सा विषय लें, सरकारी शिक्षक बनने के लिए उम्र कितनी होनी चाहिए। क्लस्टर के साथी लेख (प्रकाशन के समय सत्यापित करें): बीएड के बिना सरकारी शिक्षक कैसे बनें, D.El.Ed के बाद सरकारी शिक्षक कैसे बनें, TET की वैधता कितने साल होती है, CTET और UPTET में अंतर, 12वीं के बाद शिक्षक बनने का सस्ता कोर्स, ग्रेजुएशन में कितने प्रतिशत पर बीएड मिलता है।

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