anganwadi sahayika salary UP 2026 में अब ₹6,000 प्रति माह है। सीधा जवाब यही है — उत्तर प्रदेश में आंगनवाड़ी सहायिका का कुल मानदेय सितंबर 2026 से बढ़कर ₹6,000 प्रति माह हो गया है, जो पहले ₹4,000 प्रति माह था। इस ₹6,000 में ₹4,000 फिक्स्ड मानदेय और ₹2,000 प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन शामिल है, यानी पूरा पैसा शर्तें पूरी होने पर ही मिलेगा। आगे इस लेख में anganwadi sahayika salary UP का पूरा ब्रेकअप, केंद्र और राज्य का हिस्सा, सहायिका का काम, कार्यकर्ता व सुपरवाइजर से अंतर, योग्यता, चयन और आवेदन की जानकारी दी गई है। यह लेख सिर्फ सहायिका के आंकड़ों पर आधारित है — कार्यकर्ता के ₹12,000 को यहां सहायिका का मानदेय बताकर पेश नहीं किया गया है।

| जानकारी | विवरण |
| पद | आंगनवाड़ी सहायिका (Anganwadi Helper / Sahayika) |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| कुल मानदेय (सितंबर 2026 से) | ₹6,000 प्रति माह |
| फिक्स्ड मानदेय | ₹4,000 प्रति माह |
| प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन | ₹2,000 प्रति माह (शर्तों पर) |
| बढ़ोतरी से पहले का मानदेय | ₹4,000 प्रति माह |
| केंद्र सरकार का ICDS मानदेय | ₹2,250 प्रति माह |
| केंद्र सरकार का प्रदर्शन प्रोत्साहन | ₹250 प्रति माह |
| नौकरी का स्वरूप | मानदेय आधारित (maanadey), नियमित सरकारी कर्मचारी नहीं |
| बढ़ोतरी लागू | सितंबर 2026 से, बढ़ा हुआ मानदेय अक्टूबर 2026 से भुगतान |
| अन्य लाभ | परिवार के लिए सालाना ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज, दो की जगह तीन साड़ियां |
| आवेदन पोर्टल | upanganwadibharti.in (जिले की विज्ञप्ति के अनुसार) |
anganwadi sahayika salary UP 2026: पूरा ब्रेकअप
anganwadi sahayika salary UP को समझने के लिए दो नज़रियों को एक साथ देखना ज़रूरी है — राष्ट्रीय ICDS ढांचा और उत्तर प्रदेश सरकार की सितंबर 2026 की घोषणा। यहीं सबसे ज़्यादा ग़लतफहमी होती है, इसलिए दोनों को अलग-अलग साफ किया जा रहा है।
राष्ट्रीय स्तर पर, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के तहत आंगनवाड़ी सहायिका के लिए केंद्र सरकार का मानदेय ₹2,250 प्रति माह है। इसके साथ केंद्र की ओर से ₹250 प्रति माह का प्रदर्शन प्रोत्साहन भी तय है। यानी केंद्र का कुल ढांचा ₹2,500 प्रति माह बनता है। यह जानकारी भारत सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के उत्तर में दर्ज है, जिसमें साफ कहा गया है कि सहायिका को ₹2,250 मानदेय और ₹250 प्रदर्शन प्रोत्साहन मिलता है, और राज्य अपने संसाधनों से अतिरिक्त मानदेय जोड़ते हैं।
anganwadi sahayika salary UP पर उत्तर प्रदेश का नज़रिया इससे आगे का है। सितंबर 2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के सम्मान समारोह में मानदेय में 50 प्रतिशत बढ़ोतरी की घोषणा की। इसमें सहायिका का मानदेय ₹4,000 से बढ़ाकर ₹6,000 प्रति माह किया गया। इसके बाद राज्य सरकार ने शासनादेश भी जारी किया, जिसमें कहा गया कि बढ़ा हुआ मानदेय सितंबर 2026 से लागू होगा और अक्टूबर 2026 से इसका भुगतान होगा।
उत्तर प्रदेश के ₹6,000 के अंदर का बंटवारा इस तरह बताया गया है — ₹4,000 फिक्स्ड मानदेय और ₹2,000 प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन। यानी सारी शर्तें पूरी होने पर ही पूरे ₹6,000 मिलेंगे। अगर प्रदर्शन से जुड़ी शर्तों में कमी रहती है, तो प्रोत्साहन वाला हिस्सा घट सकता है और हाथ में आने वाली रकम ₹4,000 के आसपास रह सकती है। इसलिए anganwadi sahayika salary UP के ₹6,000 को बिना शर्त वाला पैसा बताना अधूरा है।
एक हिसाब और समझ लीजिए। केंद्र का ढांचा ₹2,500 (₹2,250 + ₹250) है और उत्तर प्रदेश का कुल मानदेय ₹6,000 है, इसलिए राज्य की ओर से ₹3,500 का अतिरिक्त योगदान जुड़ता है। यह ₹3,500 कोई अलग प्रकाशित लाइन-आइटम नहीं है — यह कुल रकम में से केंद्र का हिस्सा घटाकर निकला अंतर है। राज्य की घोषणा कुल रकम को ₹4,000 फिक्स्ड और ₹2,000 प्रोत्साहन के रूप में बांटती है।
केंद्र के ₹2,250 को पूरी सैलरी बताना गलत है, और कार्यकर्ता के ₹12,000 को सहायिका की सैलरी बताना भी गलत है।
पुराना और नया मानदेय: कितना बदला
anganwadi sahayika salary UP का सफर भी जान लीजिए, ताकि पुराने लेखों के आंकड़े आपको भ्रमित न करें। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार, 2017 से पहले सहायिका का मानदेय सिर्फ ₹1,500 प्रति माह था। इसके बाद प्रदर्शन से जोड़कर इसे ₹4,000 प्रति माह तक बढ़ाया गया। अब सितंबर 2026 की बढ़ोतरी के बाद यह ₹6,000 प्रति माह हो गया है।
प्रतिशत में देखें, तो ₹4,000 से ₹6,000 की बढ़ोतरी 50 प्रतिशत की है, यानी हर महीने ₹2,000 की बढ़ोतरी। सालाना हिसाब से यह ₹48,000 से बढ़कर ₹72,000 हो गया है। यह रकम अब भी कार्यकर्ता के ₹12,000 के आधे के बराबर है। पुराने लेखों में ₹3,000, ₹3,500–₹4,000 या ₹4,500–₹5,500 जैसे आंकड़े भी मिलेंगे, लेकिन सितंबर 2026 की बढ़ोतरी के बाद ये उत्तर प्रदेश के लिए पुराने हो चुके हैं।
मानदेय है, सैलरी नहीं: सहायिका की सही स्थिति
यह बात सबसे पहले साफ होनी चाहिए — anganwadi sahayika salary UP असल में सैलरी नहीं, मानदेय (honorarium) है। वह नियमित सरकारी कर्मचारी नहीं हैं। इसका मतलब है कि उन्हें सातवें वेतन आयोग (7th CPC) के पे-मैट्रिक्स के हिसाब से वेतन नहीं मिलता, महंगाई भत्ता (DA) और मकान किराया भत्ता (HRA) नहीं मिलता, और नियमित सरकारी कर्मचारियों जैसी पेंशन (NPS) भी इस पद से अपने आप नहीं जुड़ती।
कई लेख इस पद को “₹20,000–₹30,000 सैलरी वाली सरकारी नौकरी” जैसा बताकर भ्रम फैलाते हैं। हकीकत यह है कि यह ICDS योजना के तहत मानदेय पर आधारित engagement है, जिसकी शर्तें राज्य के शासनादेश से तय होती हैं।
इसीलिए इस लेख में हर जगह “मानदेय” शब्द का इस्तेमाल किया गया है, और जहां आम बोलचाल में “सैलरी” शब्द आता है, वहां भी उसका मतलब मानदेय ही है। जब आप किसी से पूछें कि anganwadi sahayika salary UP कितनी है, तो जवाब के साथ यह भी पूछें कि वह रकम फिक्स्ड है या उसमें प्रोत्साहन भी जुड़ा है — क्योंकि दोनों में ₹2,000 का फर्क है।
प्रदर्शन प्रोत्साहन कब मिलेगा, कब कटेगा
₹2,000 का प्रदर्शन प्रोत्साहन अपने आप नहीं मिलता। जिला स्तर की जानकारी के अनुसार, यह प्रोत्साहन पूरक पोषण की डिलीवरी, Poshan Tracker पर डेटा एंट्री, और केंद्र को तय दिनों तक खोलने से जुड़ा है। सहायिका के लिए केंद्र खुलने का मानक लगभग 21 दिन प्रति माह बताया गया है।
anganwadi sahayika salary UP के प्रोत्साहन को आसान भाषा में समझें — अगर केंद्र नियमित रूप से खुलता है, बच्चों और महिलाओं तक पोषण पहुंचता है, और रिकॉर्ड सही समय पर दर्ज होता है, तो पूरा प्रोत्साहन मिलने की संभावना रहती है। अगर केंद्र बंद रहता है, पोषण वितरण में गड़बड़ी होती है, या रिकॉर्ड अधूरा रहता है, तो प्रोत्साहन वाला हिस्सा कट सकता है। यही वजह है कि दो सहायिकाओं की एक महीने की रकम में फर्क आ सकता है, भले ही उनका फिक्स्ड मानदेय एक जैसा हो।
इसलिए अपना बजट बनाते समय anganwadi sahayika salary UP के ₹6,000 को अधिकतम रकम मानकर चलें, और ₹4,000 को वह आधार मानें जो फिक्स्ड है। जो महीना अच्छा जाता है, उसमें ₹6,000 तक पहुंचना मुमकिन है। जो महीना कमज़ोर जाता है, उसमें रकम इससे कम हो सकती है। यह बात पहले से जान लेने से बाद में निराशा नहीं होती।
सहायिका का काम क्या है
anganwadi sahayika salary UP जानने के बाद अगला सवाल यही आता है कि इस मानदेय के बदले काम क्या करना होता है। सहायिका आंगनवाड़ी केंद्र की रीढ़ होती है। वह कार्यकर्ता (केंद्र प्रभारी) के नीचे काम करती है, लेकिन केंद्र का रोज़मर्रा का काम उसी के बिना नहीं चलता।
anganwadi sahayika salary UP के बदले सहायिका के मुख्य काम ये हैं:
- केंद्र की सफाई और रखरखाव
- पूरक पोषण का खाना बनाने और परोसने में मदद
- बच्चों, गर्भवती महिलाओं और दूध पिलाने वाली माताओं तक पोषण पहुंचाना
- टेक होम राशन (THR) के वितरण में मदद
- कार्यकर्ता के साथ घर-घर जाकर लाभार्थियों की पहचान में सहयोग
- टीकाकरण दिवस (VHSND) पर कार्यकर्ता और ANM के साथ काम
- प्री-स्कूल गतिविधियों में बच्चों की देखभाल में मदद
आज Poshan Tracker पर डेटा दर्ज करना और योजनाओं की जानकारी महिलाओं तक पहुंचाना भी काम का हिस्सा है। यह सिर्फ खाना बनाने का काम नहीं है — यह बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और शुरुआती शिक्षा से जुड़ा ज़िम्मेदारी वाला काम है।
कार्यकर्ता और सहायिका में अंतर
anganwadi sahayika salary UP पर लिखते समय कई लोग कार्यकर्ता और सहायिका को एक ही समझ लेते हैं, लेकिन दोनों अलग पद हैं। कार्यकर्ता केंद्र की प्रभारी होती है — वह प्री-स्कूल शिक्षा, बच्चों के वज़न और लंबाई की निगरानी, Poshan Tracker पर डेटा, और केंद्र का पूरा रिकॉर्ड संभालती है। सहायिका उसकी मददगार होती है — वह खाना बनाने, सफाई, पोषण वितरण और घर-घर संपर्क में कार्यकर्ता का साथ देती है।
मानदेय में भी यही अंतर दिखता है। सितंबर 2026 की बढ़ोतरी के बाद कार्यकर्ता का कुल मानदेय ₹12,000 प्रति माह है (₹8,000 फिक्स्ड + ₹4,000 प्रोत्साहन), जबकि सहायिका का कुल मानदेय ₹6,000 प्रति माह है (₹4,000 फिक्स्ड + ₹2,000 प्रोत्साहन)। यानी कार्यकर्ता का मानदेय सहायिका से ठीक दोगुना है।
अगर आपको इन दोनों पदों का पूरा अंतर विस्तार से जानना है, तो हमारा यह लेख पढ़ें: आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सुपरवाइजर में अंतर। और कार्यकर्ता के मानदेय की पूरी जानकारी के लिए यह लेख देखें: UP आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सैलरी 2026। दोनों लेखों को एक साथ पढ़ने पर यह साफ हो जाएगा कि किस पद पर कितना मानदेय है और क्यों है।
सुपरवाइजर से अंतर: मानदेय बनाम नियमित वेतनमान
anganwadi sahayika salary UP की तुलना में सुपरवाइजर (मुख्य सेविका) का मामला बिल्कुल अलग है। सहायिका और कार्यकर्ता मानदेय पर काम करती हैं, जबकि सुपरवाइजर नियमित वेतनमान वाला पद है, जिस पर DA, HRA, TA जैसे भत्ते और सरकारी सेवा के लाभ लागू होते हैं। सुपरवाइजर की भर्ती परीक्षा के ज़रिए होती है, जबकि सहायिका की भर्ती बिना लिखित परीक्षा के मेरिट से होती है।
सुपरवाइजर के वेतन की पूरी जानकारी के लिए यह लेख देखें: आंगनवाड़ी सुपरवाइजर सैलरी UP। यहां सिर्फ इतना समझ लीजिए कि anganwadi sahayika salary UP के ₹6,000 की तुलना सुपरवाइजर के वेतन से करना सही नहीं है, क्योंकि दोनों की नौकरी का स्वरूप ही अलग है। एक मानदेय आधारित engagement है, दूसरा नियमित सरकारी पद है।
कौन बन सकती है सहायिका: योग्यता, उम्र और निवास
anganwadi sahayika salary UP पाने वाली सहायिका के लिए 2026 की उत्तर प्रदेश जिला विज्ञप्तियों के अनुसार सिर्फ महिला अभ्यर्थी पात्र हैं। न्यूनतम शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट (12वीं) या समकक्ष है, और मेरिट इंटरमीडिएट, स्नातक और परास्नातक के अंकों को जोड़कर बनती है। पुराने समय में 8वीं या 10वीं पास की योग्यता भी बताई जाती थी, लेकिन 2026 की जिला विज्ञप्तियों में इंटरमीडिएट न्यूनतम योग्यता है। आवेदन से पहले अपने जिले की विज्ञप्ति ज़रूर पढ़ें।
उम्र की सीमा 2026 की विज्ञप्तियों में 18 से 35 वर्ष है, गणना 1 जुलाई 2026 के आधार पर होती है। उम्र का प्रमाण हाईस्कूल की मार्कशीट में दर्ज जन्मतिथि से ही माना जाता है। आरक्षित वर्गों की छूट राज्य नियमों के अनुसार लागू होती है।
anganwadi sahayika salary UP के लिए सबसे सख्त शर्त निवास की है। आवेदिका को उसी ग्राम सभा (ग्रामीण क्षेत्र) या उसी वार्ड (शहरी क्षेत्र) की स्थायी निवासी होना चाहिए, जहां केंद्र की रिक्ति है। अगर उसी ग्राम सभा में पात्र अभ्यर्थी नहीं मिलती, तभी संबंधित न्याय पंचायत की पात्र महिला पर विचार होता है। विवाहित महिला को ससुराल के निवास प्रमाणपत्र से आवेदन करना होता है। दूसरे गांव या वार्ड का आवेदन दस्तावेज़ सत्यापन में रद्द हो जाता है, भले ही फॉर्म ऑनलाइन जमा हो गया हो।
चयन में विधवा, तलाकशुदा या परित्यक्ता महिला और बीपीएल परिवार की महिला को पहले अवसर दिया जाता है। यह स्थिति फॉर्म में साफ दर्ज करें — बाद में किया गया दावा स्वीकार नहीं होता।
चयन और आवेदन: बिना परीक्षा, मेरिट से
anganwadi sahayika salary UP वाले पद की भर्ती में कोई लिखित परीक्षा नहीं होती और इंटरव्यू का भी ज़िक्र विज्ञप्तियों में नहीं मिलता। चयन पूरी तरह शैक्षिक अंकों की मेरिट और दस्तावेज़ सत्यापन से होता है। इंटरमीडिएट, स्नातक और परास्नातक के अंकों को जोड़कर मेरिट सूची बनती है, और बराबर अंक होने पर पहले अधिक उम्र, फिर उच्च शैक्षिक योग्यता को वरीयता दी जाती है।
anganwadi sahayika salary UP के लिए आवेदन की प्रक्रिया जिले के अनुसार ऑनलाइन होती है। उत्तर प्रदेश में आंगनवाड़ी भर्ती का पोर्टल upanganwadibharti.in है, जिस पर जिलेवार विज्ञप्ति, केंद्रवार रिक्तियां और आवेदन का लिंक मिलता है। आवेदन से पहले अपने केंद्र का नाम, ग्राम सभा या वार्ड, और आरक्षण श्रेणी को विज्ञप्ति से मिला लें। 2026 की जिला विज्ञप्तियों में सहायिका पद के लिए कोई आवेदन शुल्क दर्ज नहीं है — फॉर्म निःशुल्क भरा जाता है। अगर कोई व्यक्ति फॉर्म भरने, सूची में नाम डलवाने या चयन पक्का कराने के नाम पर पैसे मांगे, तो समझ लीजिए कि वह ठगी है।
आवेदन के लिए आधार कार्ड, मार्कशीट, निवास प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र (अगर लागू हो), आय प्रमाणपत्र और फोटो मांगे जाते हैं। निवास और जाति प्रमाणपत्र तहसील स्तर से डिजिटल रूप से सत्यापित होने चाहिए, इसलिए पहले अपने दस्तावेज़ अपडेट करवा लें।
मानदेय कब मिलता है, और अन्य लाभ क्या हैं
anganwadi sahayika salary UP का भुगतान राज्य सरकार के शासनादेश और जिले की व्यवस्था के अनुसार होता है। सितंबर 2026 की बढ़ोतरी के बारे में साफ कहा गया था कि बढ़ा हुआ मानदेय सितंबर 2026 से लागू होगा, लेकिन इसका भुगतान अक्टूबर 2026 से होगा। यानी सितंबर महीने का बढ़ा हुआ हिस्सा अक्टूबर के भुगतान में जुड़कर मिला।
मानदेय आम तौर पर सीधे बैंक खाते में आता है, इसलिए बैंक खाता और आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर सही रखें। भुगतान अटके तो CDPO कार्यालय से संपर्क करें, किसी बिचौलिए के भरोसे न रहें।
anganwadi sahayika salary UP के अलावा सितंबर 2026 की घोषणा में और लाभ भी घोषित किए गए — परिवार के लिए सालाना ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज (सूचीबद्ध सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में), और दो की जगह तीन साड़ियां (तीसरी के लिए ₹500 प्रति साड़ी, कुल ₹20 करोड़ का प्रावधान)।
गलत आंकड़ों से कैसे बचें
anganwadi sahayika salary UP को लेकर पांच आम भ्रम हैं। पहला — सहायिका को ₹12,000 मिलते हैं। यह कार्यकर्ता का आंकड़ा है, सहायिका का नहीं। दूसरा — सहायिका को ₹2,250 ही मिलते हैं। यह सिर्फ केंद्र सरकार का हिस्सा है, पूरा मानदेय नहीं। तीसरा — ₹6,000 अपने आप हर महीने मिल जाएगा। सच यह है कि इसमें ₹2,000 प्रोत्साहन है, जो शर्तों पर निर्भर है।
चौथा भ्रम — सहायिका नियमित सरकारी कर्मचारी है और उसे DA, HRA और पेंशन मिलेगी। ऐसा नहीं है, यह मानदेय आधारित पद है। पांचवां भ्रम — किसी भी गांव की महिला किसी भी केंद्र के लिए आवेदन कर सकती है। ऐसा नहीं है, आवेदन सिर्फ अपने ग्राम सभा या वार्ड के केंद्र के लिए ही मान्य है।
anganwadi sahayika salary UP के किसी भी आंकड़े पर तीन सवाल पूछें — यह किस पद का है, किस राज्य का है, और किस तारीख के बाद का है। तीनों जवाब सहायिका, उत्तर प्रदेश और सितंबर 2026 से मेल खाएं, तभी वह आंकड़ा आपके काम का है।
आगे का रास्ता: सहायिका से आगे क्या
anganwadi sahayika salary UP वाला सहायिका पद एक शुरुआत हो सकता है। अनुभव और योग्यता के साथ कार्यकर्ता और फिर सुपरवाइजर जैसे पदों की ओर रास्ता खुल सकता है, लेकिन इसके लिए विभागीय नियम और चयन प्रक्रिया पूरी करनी होती है।
anganwadi sahayika salary UP से आगे शिक्षण क्षेत्र में बढ़ना चाहती हैं, तो यह लेख भी पढ़ें: D.El.Ed के बाद सरकारी टीचर कैसे बनें। और शिक्षक पात्रता परीक्षाओं के अंतर के लिए यह लेख देखें: CTET और UPTET में अंतर। ये आगे की पढ़ाई और करियर की योजना में मदद करेंगे।
निष्कर्ष
anganwadi sahayika salary UP 2026 में ₹6,000 प्रति माह है — ₹4,000 फिक्स्ड मानदेय और ₹2,000 प्रदर्शन प्रोत्साहन के साथ। यह रकम सितंबर 2026 से लागू है, और इसमें केंद्र सरकार का ₹2,250 मानदेय और ₹250 प्रोत्साहन शामिल है, बाकी हिस्सा राज्य सरकार जोड़ती है। सहायिका मानदेय पर काम करती है, नियमित सरकारी कर्मचारी नहीं है, इसलिए DA, HRA और पेंशन जैसे लाभ इस पद से अपने आप नहीं जुड़ते। लेकिन ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज और तीन साड़ियां जैसे लाभ अब इस पद से जुड़ गए हैं।
अगर आप सहायिका बनना चाहती हैं, तो अपने जिले की विज्ञप्ति को ही अंतिम सच मानें। पहले से सहायिका हैं, तो केंद्र की उपस्थिति, पोषण वितरण और रिकॉर्ड सही रखें — पूरा ₹6,000 पाने की कुंजी वहीं है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. UP में आंगनवाड़ी सहायिका की सैलरी कितनी है?
उत्तर प्रदेश में anganwadi sahayika salary UP 2026 में ₹6,000 प्रति माह है। इसमें ₹4,000 फिक्स्ड मानदेय और ₹2,000 प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन शामिल है। यह रकम सितंबर 2026 से लागू है।
2. क्या आंगनवाड़ी सहायिका सरकारी कर्मचारी है?
नहीं। anganwadi sahayika salary UP मानदेय (maanadey) है — सहायिका मानदेय पर काम करती है, नियमित सरकारी कर्मचारी नहीं है। उसे 7th CPC वेतनमान, DA, HRA और नियमित पेंशन नहीं मिलती। यह ICDS योजना के तहत मानदेय आधारित engagement है।
3. केंद्र और राज्य सरकार का हिस्सा कितना है?
केंद्र का ICDS मानदेय ₹2,250 + ₹250 प्रोत्साहन = ₹2,500 है। उत्तर प्रदेश का कुल मानदेय ₹6,000 है, इसलिए राज्य का अतिरिक्त योगदान ₹3,500 बनता है। राज्य कुल रकम को ₹4,000 फिक्स्ड और ₹2,000 प्रोत्साहन में बांटता है।
4. ₹2,000 का प्रोत्साहन कब कट सकता है?
जब केंद्र नियमित रूप से नहीं खुलता, पोषण वितरण में कमी रहती है, या Poshan Tracker पर रिकॉर्ड अधूरा रहता है, तब प्रोत्साहन वाला हिस्सा कट सकता है। उस स्थिति में हाथ में आने वाली रकम ₹4,000 के आसपास रह सकती है।
5. सहायिका बनने के लिए योग्यता और उम्र क्या है?
2026 की उत्तर प्रदेश जिला विज्ञप्तियों के अनुसार, सिर्फ महिला अभ्यर्थी पात्र हैं, न्यूनतम योग्यता इंटरमीडिएट (12वीं) है, और उम्र 18 से 35 वर्ष (1 जुलाई 2026 के आधार पर) है। आवेदिका को उसी ग्राम सभा या वार्ड की निवासी होना चाहिए, जहां केंद्र की रिक्ति है।
6. कार्यकर्ता और सहायिका की सैलरी में कितना अंतर है?
सितंबर 2026 के बाद कार्यकर्ता का कुल मानदेय ₹12,000 प्रति माह है, जबकि सहायिका का ₹6,000 प्रति माह है। यानी कार्यकर्ता का मानदेय सहायिका से दोगुना है, क्योंकि कार्यकर्ता केंद्र प्रभारी होती है और सहायिका उसकी मददगार होती है।
