टीचर बनने के लिए BA में कौन सा सब्जेक्ट ले | teacher banne ke liye ba mein kaun sa subject le

टीचर बनने का सपना देखने वाले छात्रों के मन में BA में एडमिशन लेते समय सबसे बड़ा सवाल यही होता है — टीचर बनने के लिए BA में कौन सा सब्जेक्ट ले (teacher banne ke liye ba mein kaun sa subject le)? यह सवाल छोटा दिखता है, लेकिन इसका जवाब आपके पूरे करियर की दिशा तय कर देता है। गलत विषय चुनने पर तीन साल बाद पता चलता है कि आप जिस टीचर की भर्ती के लिए आवेदन करना चाहते हैं, उसके लिए आप पात्र ही नहीं हैं।

सीधा जवाब यह है कि BA में वही विषय लें, जिसे आप आगे चलकर पढ़ाना चाहते हैं। अगर आप हिंदी के टीचर बनना चाहते हैं, तो BA में हिंदी लें। अगर इतिहास के टीचर बनना है, तो इतिहास लें। अगर अंग्रेजी पढ़ानी है, तो अंग्रेजी साहित्य लें। टीचर की भर्ती में आपका ग्रेजुएशन का विषय ही आपका पढ़ाने का विषय बनता है।

लेकिन इतना जानना काफी नहीं है। प्राइमरी टीचर, TGT और PGT — तीनों स्तरों के लिए विषय चुनने के नियम अलग हैं। सामाजिक विज्ञान के टीचर के लिए तो विषयों का एक खास संयोजन चाहिए होता है, जिसमें एक विषय इतिहास या भूगोल होना जरूरी है। इस लेख में हम हर स्तर के हिसाब से सही विषय, सही कॉम्बिनेशन, और उन गलतियों के बारे में विस्तार से जानेंगे, जिनसे हर साल हजारों छात्र चूक जाते हैं।

सबसे पहले एक बात साफ कर लें — BA सिर्फ एक डिग्री नहीं, बल्कि टीचर बनने की नींव है। इस नींव में जो विषय डालेंगे, उसी पर B.Ed, CTET और TGT या PGT की पूरी इमारत खड़ी होगी। इसलिए विषय का चुनाव दोस्तों की देखा-देखी या सिर्फ आसान लगने के आधार पर न करें, बल्कि इस लेख को पूरा पढ़कर सोच-समझकर करें।

जानकारीविवरण
सीधा नियमजो विषय पढ़ाना है, वही विषय BA में लें
PRT के लिए विषयBA में किसी खास विषय की बाध्यता नहीं; योग्यता 12वीं के बाद D.El.Ed और CTET पेपर 1 पर आधारित है
TGT के लिए अंक शर्तसंबंधित विषय में कम से कम 50 प्रतिशत अंक और कुल मिलाकर भी 50 प्रतिशत अंक
TGT हिंदी और अंग्रेजीहिंदी: हिंदी ग्रेजुएशन के तीनों सालों में पढ़ा होना चाहिए; अंग्रेजी: अंग्रेजी साहित्य (English Literature)
TGT सामाजिक विज्ञान कॉम्बिनेशनइतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र और राजनीति विज्ञान में से कोई दो विषय, जिनमें से एक इतिहास या भूगोल होना जरूरी है; पहला विषय कम से कम 3 साल (6 सेमेस्टर), दूसरा कम से कम 1 साल (2 सेमेस्टर)
गलत कॉम्बिनेशनसिर्फ राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र लेने पर TGT सामाजिक विज्ञान के लिए पात्रता नहीं बनती
PGT और आगे का रास्ताPGT के लिए संबंधित विषय में MA (कम से कम 50 प्रतिशत अंक) और B.Ed; BA के बाद B.Ed (2 साल) और CTET पेपर 2 (TGT के लिए) या पेपर 1 (PRT के लिए) — CTET प्रमाणपत्र आजीवन वैध है

टीचर बनने के लिए BA में सब्जेक्ट चुनने का सीधा नियम (teacher banne ke liye ba subject)

टीचर बनने के लिए BA में सब्जेक्ट चुनने का सबसे सीधा नियम यह है — जो विषय पढ़ाना है, वही विषय ग्रेजुएशन में पढ़ो। सरकारी स्कूलों की भर्तियों में TGT यानी ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर के लिए यही नियम लागू होता है। KVS के नियमों के अनुसार TGT हिंदी के लिए ग्रेजुएशन में हिंदी, TGT अंग्रेजी के लिए अंग्रेजी, और TGT संस्कृत के लिए संस्कृत विषय होना जरूरी है।

इस नियम के पीछे एक सीधी सी वजह है। स्कूल में टीचर उसी विषय को पढ़ाता है, जिसमें उसकी गहरी जानकारी हो। अगर आपने BA में इतिहास पढ़ा है, तो आपसे यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि आप कक्षा 9 और 10 को गणित पढ़ा देंगे। इसलिए भर्ती के नियमों में साफ लिखा होता है कि संबंधित विषय ग्रेजुएशन में पढ़ा होना चाहिए।

एक और जरूरी शर्त अंकों की है। KVS की TGT भर्ती में संबंधित विषय में कम से कम 50 प्रतिशत अंक और कुल मिलाकर भी 50 प्रतिशत अंक जरूरी होते हैं। इसका मतलब है कि सिर्फ विषय चुनना ही काफी नहीं है, उसमें अच्छे अंक लाना भी जरूरी है। BA के तीनों सालों में अपने मुख्य विषय पर मेहनत करें, क्योंकि वही अंक आगे चलकर पात्रता तय करेंगे।

जो छात्र अभी 12वीं के बाद BA में एडमिशन लेने जा रहे हैं, उनके लिए सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले यह तय करें कि वे किस स्तर के टीचर बनना चाहते हैं — प्राइमरी, TGT या PGT। फिर उस स्तर के नियमों के हिसाब से विषय चुनें। आगे के भागों में हम तीनों स्तरों के लिए अलग-अलग विस्तार से बताएंगे।

प्राइमरी टीचर (PRT) बनने के लिए BA में कौन सा सब्जेक्ट ले

प्राइमरी टीचर यानी PRT कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को पढ़ाता है। अच्छी खबर यह है कि PRT बनने के लिए BA में किसी खास विषय की बाध्यता नहीं होती। PRT की योग्यता 12वीं के बाद D.El.Ed और CTET पेपर 1 पर आधारित होती है, इसलिए BA का विषय इसमें सीधी रुकावट नहीं बनता।

फिर भी अगर आप PRT बनना चाहते हैं और BA भी कर रहे हैं, तो कुछ विषय ज्यादा मददगार रहते हैं। हिंदी, अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान जैसे विषय प्राइमरी कक्षाओं में पढ़ाए जाते हैं, इसलिए इनकी जानकारी काम आती है। भाषा पर अच्छी पकड़ होने से छोटे बच्चों को पढ़ाना आसान हो जाता है।

एक और बात ध्यान रखने की है — अगर आप BA के बाद B.Ed करके PRT के लिए आवेदन करना चाहते हैं, तो भी विषय की कोई खास शर्त नहीं होती। लेकिन अगर भविष्य में आप TGT की तरफ बढ़ना चाहें, तो BA का विषय तब मायने रखने लगेगा। इसलिए सिर्फ PRT को ध्यान में रखकर कोई भी विषय लेने की बजाय, एक ऐसा विषय लें जो आगे TGT में भी काम आ सके।

उदाहरण के लिए, अगर आप BA में हिंदी या अंग्रेजी लेते हैं, तो आप PRT के लिए भी तैयार रहेंगे और आगे TGT हिंदी या TGT अंग्रेजी के लिए भी पात्र होंगे। यही दूरदर्शी चुनाव है — एक विषय, दो रास्ते।

TGT टीचर बनने के लिए BA में कौन सा सब्जेक्ट ले

TGT बनने के लिए BA का विषय सबसे ज्यादा मायने रखता है, क्योंकि TGT विषय का टीचर होता है। नीचे हर विषय के हिसाब से सही चुनाव दिया गया है।

#1 हिंदी टीचर बनने के लिए

अगर आप हिंदी के टीचर बनना चाहते हैं, तो BA में हिंदी साहित्य लें। KVS के नियमों के अनुसार TGT हिंदी के लिए हिंदी विषय ग्रेजुएशन के तीनों सालों में पढ़ा होना चाहिए। सिर्फ एक साल हिंदी पढ़ने से काम नहीं चलेगा। हिंदी में अच्छे अंक लाना भी जरूरी है, क्योंकि 50 प्रतिशत की शर्त विषय और कुल दोनों पर लागू होती है।

#2 अंग्रेजी टीचर बनने के लिए

अंग्रेजी के टीचर बनने के लिए BA में अंग्रेजी साहित्य (English Literature) लें। अंग्रेजी के टीचर की मांग प्राइवेट और सरकारी दोनों स्कूलों में सबसे ज्यादा रहती है। अंग्रेजी में मजबूत पकड़, अच्छी लेखन क्षमता और बोलने का अभ्यास इस करियर में बहुत काम आता है। BA के दौरान अंग्रेजी अखबार पढ़ना और रोज कुछ लिखना आपकी तैयारी को मजबूत करेगा।

#3 इतिहास के टीचर बनने के लिए

इतिहास के टीचर बनने के लिए BA में इतिहास लें। लेकिन यहां एक खास बात है — अकेला इतिहास लेने से आप TGT सामाजिक विज्ञान के लिए पात्र हो सकते हैं, बशर्ते दूसरा विषय भी सामाजिक विज्ञान समूह से हो। इसकी पूरी जानकारी सामाजिक विज्ञान वाले भाग में दी गई है।

#4 भूगोल के टीचर बनने के लिए

भूगोल के टीचर बनने के लिए BA में भूगोल लें। भूगोल एक ऐसा विषय है, जो TGT सामाजिक विज्ञान में भी काम आता है और PGT भूगोल का रास्ता भी खोलता है। मानचित्र, जलवायु और भौतिक भूगोल की समझ इस विषय में बहुत जरूरी है।

#5 राजनीति विज्ञान के टीचर बनने के लिए

राजनीति विज्ञान के टीचर बनने के लिए BA में राजनीति विज्ञान लें। यह विषय भारतीय संविधान, सरकार और अंतरराष्ट्रीय संबंधों की जानकारी देता है। राजनीति विज्ञान लेने वाले छात्र UPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी इसका फायदा उठा सकते हैं।

#6 अर्थशास्त्र के टीचर बनने के लिए

अर्थशास्त्र के टीचर बनने के लिए BA में अर्थशास्त्र लें। अर्थशास्त्र का टीचर बनने के साथ-साथ बैंकिंग और अन्य परीक्षाओं में भी इस विषय की जानकारी काम आती है। गणित में थोड़ी रुचि हो तो अर्थशास्त्र और भी आसान लगता है।

TGT सामाजिक विज्ञान (Social Science) के लिए सही कॉम्बिनेशन

TGT सामाजिक विज्ञान यानी SST का टीचर बनना थोड़ा अलग है, क्योंकि इसमें एक विषय नहीं, बल्कि विषयों का संयोजन चाहिए होता है। यही वह जगह है, जहां सबसे ज्यादा छात्र गलती करते हैं।

KVS के नियमों के अनुसार TGT सामाजिक विज्ञान के लिए ग्रेजुएशन में इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र और राजनीति विज्ञान में से कोई दो विषय पढ़े होने चाहिए। इनमें से एक विषय इतिहास या भूगोल होना जरूरी है। पहला विषय कम से कम तीन साल या छह सेमेस्टर तक पढ़ा होना चाहिए, और दूसरा विषय कम से कम एक साल या दो सेमेस्टर तक पढ़ा होना चाहिए।

इसका मतलब समझिए — अगर आपने BA में सिर्फ राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र लिए हैं, तो आप TGT सामाजिक विज्ञान के लिए पात्र नहीं होंगे, क्योंकि इनमें इतिहास या भूगोल नहीं है। वहीं अगर आपने इतिहास और राजनीति विज्ञान लिए हैं, तो आप पात्र होंगे, क्योंकि एक विषय इतिहास है।

सबसे सुरक्षित कॉम्बिनेशन ये हैं — इतिहास के साथ राजनीति विज्ञान, इतिहास के साथ भूगोल, भूगोल के साथ अर्थशास्त्र, या इतिहास के साथ अर्थशास्त्र। इनमें से कोई भी कॉम्बिनेशन लेने पर TGT सामाजिक विज्ञान का रास्ता खुला रहता है।

एक और जरूरी बात यह है कि BA के कॉलेज में विषयों का चुनाव करते समय यह जरूर जांच लें कि आपका कॉलेज इन विषयों को मुख्य विषय के रूप में पढ़ाता है या नहीं। कुछ कॉलेजों में विषय सिर्फ एक साल के लिए होते हैं, जो TGT की तीन साल वाली शर्त को पूरा नहीं करते। एडमिशन से पहले कॉलेज से यह जानकारी लिखित रूप में ले लेना समझदारी है।

PGT टीचर बनने के लिए BA में कौन सा सब्जेक्ट ले

PGT यानी पोस्ट ग्रेजुएट टीचर कक्षा 11 और 12 को पढ़ाता है। PGT बनने के लिए सीधी शर्त यह है कि संबंधित विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन यानी MA या M.Sc होना चाहिए। और MA उसी विषय में हो सकता है, जो BA में पढ़ा गया हो।

इसका मतलब है कि BA का विषय PGT का भी रास्ता तय करता है। अगर आप PGT हिंदी बनना चाहते हैं, तो BA में हिंदी लें, फिर MA हिंदी करें, फिर B.Ed करें। अगर आप PGT इतिहास बनना चाहते हैं, तो BA में इतिहास, फिर MA इतिहास, फिर B.Ed का रास्ता अपनाएं।

BA के बाद MA करते समय भी अंकों की शर्त होती है। KVS की PGT भर्ती में संबंधित विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन में कम से कम 50 प्रतिशत अंक जरूरी होते हैं। इसलिए BA में ही अपने विषय में गहरी रुचि और अच्छे अंक बनाने की आदत डाल लें, क्योंकि वही आदत MA में भी काम आएगी।

जो छात्र PGT बनना चाहते हैं, उन्हें BA में ऑनर्स या ऐसा कोर्स लेना फायदेमंद रहता है, जिसमें उनके विषय की गहराई ज्यादा हो। BA ऑनर्स में एक विषय पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है, जबकि BA प्रोग्राम में कई विषय थोड़े-थोड़े पढ़ाए जाते हैं। PGT के लिए गहराई ज्यादा मायने रखती है, इसलिए ऑनर्स एक अच्छा विकल्प है।

BA ऑनर्स या BA प्रोग्राम — टीचर बनने के लिए कौन सा बेहतर है

BA ऑनर्स और BA प्रोग्राम में फर्क समझना जरूरी है। BA ऑनर्स में एक मुख्य विषय की गहरी पढ़ाई होती है, जबकि BA प्रोग्राम में तीन या चार विषयों की सामान्य पढ़ाई होती है। टीचर बनने के लिहाज से दोनों के अपने फायदे हैं।

अगर आप किसी एक विषय के टीचर बनना चाहते हैं — जैसे हिंदी, अंग्रेजी या इतिहास — तो BA ऑनर्स बेहतर है, क्योंकि इसमें आपके विषय की गहराई ज्यादा होती है और TGT की तीन साल वाली शर्त भी आसानी से पूरी होती है। ऑनर्स में विषय के अंक भी ज्यादा मजबूत होते हैं।

अगर आप TGT सामाजिक विज्ञान बनना चाहते हैं, तो BA प्रोग्राम भी अच्छा विकल्प हो सकता है, क्योंकि इसमें आप इतिहास और राजनीति विज्ञान जैसे दो विषय एक साथ ले सकते हैं। लेकिन यहां भी यह जांचना जरूरी है कि दोनों विषय कितने साल तक पढ़ाए जाएंगे। सिर्फ प्रोग्राम का नाम काफी नहीं है, विषयों की अवधि मायने रखती है।

एक बात और — कुछ विश्वविद्यालयों में BA ऑनर्स के छात्र भी दूसरे विषय को सहायक विषय के रूप में पढ़ सकते हैं। अगर आप ऑनर्स के साथ एक दूसरा सामाजिक विज्ञान विषय भी पढ़ लेते हैं, तो TGT सामाजिक विज्ञान का रास्ता भी खुला रह जाता है। यह सबसे लचीला विकल्प है।

BA के बाद टीचर बनने का पूरा रास्ता

BA में सही विषय लेने के बाद आगे का रास्ता साफ है। पहला कदम B.Ed करना है। B.Ed दो साल का कोर्स है, जिसमें पढ़ाने की ट्रेनिंग दी जाती है। B.Ed में एडमिशन के लिए ग्रेजुएशन में कम से कम 50 प्रतिशत अंक जरूरी होते हैं।

दूसरा कदम CTET या राज्य TET पास करना है। TGT के लिए CTET पेपर 2 और PRT के लिए CTET पेपर 1 पास होना जरूरी है। CTET का प्रमाणपत्र अब आजीवन वैध होता है, इसलिए एक बार पास करने के बाद बार-बार परीक्षा देने की जरूरत नहीं पड़ती।

तीसरा कदम शिक्षक भर्तियों में आवेदन करना है। KVS, DSSSB, NVS और राज्य सरकारों की भर्तियां अलग-अलग समय पर निकलती हैं। हर भर्ती का नोटिफिकेशन पढ़कर यह जांचें कि आपका विषय और कॉम्बिनेशन उस भर्ती की शर्तों को पूरा करता है या नहीं।

चौथा कदम, अगर आप PGT बनना चाहते हैं, तो BA के बाद MA करें और फिर B.Ed करें। MA और B.Ed का क्रम उल्टा भी हो सकता है, लेकिन दोनों पूरे होने के बाद ही PGT के लिए आवेदन हो सकता है।

एक नया रास्ता चार वर्षीय इंटीग्रेटेड B.A.-B.Ed कोर्स भी है, जिसमें ग्रेजुएशन और B.Ed एक साथ हो जाते हैं। अगर आपके आसपास यह कोर्स उपलब्ध है, तो यह समय बचाने वाला अच्छा विकल्प है। लेकिन इसमें भी विषय का चुनाव उसी नियम से करें, जो ऊपर बताया गया है।

BA में सब्जेक्ट चुनते समय होने वाली 7 बड़ी गलतियां

पहली गलती — दोस्तों की देखा-देखी विषय चुनना। दोस्त ने राजनीति विज्ञान लिया, तो आपने भी ले लिया, जबकि आपको इतिहास पढ़ाना था। तीन साल बाद पात्रता की शर्त पूरी नहीं होती।

दूसरी गलती — सिर्फ आसान विषय चुनना। आसान विषय में अंक तो आ सकते हैं, लेकिन अगर वह विषय TGT में काम ही नहीं आता, तो डिग्री बेकार हो जाती है।

तीसरी गलती — सामाजिक विज्ञान के लिए गलत कॉम्बिनेशन लेना। इतिहास या भूगोल के बिना सिर्फ राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र लेने पर TGT सामाजिक विज्ञान का रास्ता बंद हो जाता है।

चौथी गलती — विषय की अवधि न जांचना। कुछ कॉलेजों में विषय सिर्फ एक साल पढ़ाया जाता है, जबकि TGT के लिए तीन साल की शर्त होती है। एडमिशन से पहले अवधि जरूर पूछें।

पांचवीं गलती — अंकों को हल्के में लेना। TGT में विषय और कुल दोनों में 50 प्रतिशत की शर्त होती है। BA में लापरवाही आगे चलकर पात्रता छीन सकती है।

छठी गलती — B.Ed और CTET को आखिरी समय पर छोड़ना। BA के अंतिम साल से ही B.Ed की तैयारी और CTET के सिलेबस पर नजर रखनी चाहिए।

सातवीं गलती — सिर्फ एक रास्ते पर निर्भर रहना। समझदारी यह है कि ऐसा विषय और कॉम्बिनेशन चुनें, जिससे PRT, TGT और PGT — तीनों में से ज्यादा से ज्यादा रास्ते खुले रहें।

किस छात्र के लिए कौन सा सब्जेक्ट सबसे अच्छा है

अगर आपको भाषा से प्यार है और आप कहानियां, कविताएं और निबंध पढ़ना पसंद करते हैं, तो हिंदी या अंग्रेजी साहित्य आपके लिए सबसे अच्छा है। भाषा के टीचर की मांग हर स्कूल में रहती है।

अगर आपको पुरानी घटनाओं, राजाओं और स्वतंत्रता संग्राम की कहानियों में रुचि है, तो इतिहास लें। इतिहास के साथ राजनीति विज्ञान का कॉम्बिनेशन आपको TGT सामाजिक विज्ञान और UPSC दोनों की तैयारी में मदद करेगा।

अगर आपको नक्शे, नदियां, पहाड़ और जलवायु में रुचि है, तो भूगोल लें। भूगोल का टीचर बनने के साथ-साथ यह विषय प्रतियोगी परीक्षाओं में भी बहुत काम आता है।

अगर आपको देश की राजनीति, संविधान और सरकार की कार्यप्रणाली समझने में मजा आता है, तो राजनीति विज्ञान लें। लेकिन इसे अकेले न लें — इसके साथ इतिहास या भूगोल जरूर रखें, ताकि TGT सामाजिक विज्ञान का रास्ता बंद न हो।

अगर आपको पैसा, बाजार और व्यापार की दुनिया समझने में रुचि है, तो अर्थशास्त्र लें। अर्थशास्त्र के टीचर के साथ-साथ बैंकिंग परीक्षाओं का रास्ता भी खुला रहता है।

अंत में एक बात याद रखें — सबसे अच्छा विषय वह है, जिसमें आपकी रुचि है और जिसे आप दूसरों को समझाकर पढ़ा सकते हैं। टीचर बनने में रुचि ही सबसे बड़ी ताकत है, क्योंकि बिना रुचि के विषय में अच्छे अंक लाना भी मुश्किल होता है।

शिक्षक पात्रता परीक्षाओं से जुड़ी ताजा जानकारी के लिए यह लेख भी पढ़ें: Bihar STET Revised Admit Card 2026। दिल्ली की शिक्षक भर्तियों के लिए यह खबर भी उपयोगी है: DSSSB Admit Card 2026 Various Posts।

FAQ – टीचर बनने के लिए BA सब्जेक्ट से संबंधित प्रश्न

टीचर बनने के लिए BA में कौन सा सब्जेक्ट लेना चाहिए?

वही विषय लें, जिसे आप पढ़ाना चाहते हैं। हिंदी टीचर के लिए हिंदी, अंग्रेजी टीचर के लिए अंग्रेजी साहित्य, इतिहास टीचर के लिए इतिहास, और इसी तरह हर विषय के लिए वही विषय BA में लें।

क्या BA में कोई भी सब्जेक्ट लेकर टीचर बन सकते हैं?

प्राइमरी टीचर के लिए BA का विषय ज्यादा मायने नहीं रखता, लेकिन TGT और PGT के लिए संबंधित विषय ग्रेजुएशन में पढ़ा होना जरूरी है। बिना संबंधित विषय के TGT के लिए आवेदन नहीं हो सकता।

TGT सामाजिक विज्ञान के लिए BA में कौन से सब्जेक्ट लें?

इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र और राजनीति विज्ञान में से कोई दो विषय लें, जिनमें से एक इतिहास या भूगोल होना जरूरी है। पहला विषय तीन साल और दूसरा कम से कम एक साल पढ़ा होना चाहिए।

क्या BA में राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र लेकर SST टीचर बन सकते हैं?

नहीं, इस कॉम्बिनेशन से TGT सामाजिक विज्ञान के लिए पात्रता नहीं बनती, क्योंकि इसमें इतिहास या भूगोल नहीं है। इसके साथ इतिहास या भूगोल होना जरूरी है।

PGT बनने के लिए BA में कौन सा सब्जेक्ट ले?

PGT के लिए BA में वही विषय लें, जिसमें आगे MA करना है। PGT की योग्यता संबंधित विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन पर आधारित होती है, और MA उसी विषय में हो सकता है, जो BA में पढ़ा गया हो।

BA ऑनर्स टीचर बनने के लिए बेहतर है या BA प्रोग्राम?

एक विषय के टीचर के लिए BA ऑनर्स बेहतर है, क्योंकि इसमें विषय की गहराई ज्यादा होती है। TGT सामाजिक विज्ञान के लिए BA प्रोग्राम भी अच्छा हो सकता है, अगर उसमें सही दो विषय सही अवधि तक पढ़ाए जाएं।

BA के बाद टीचर बनने के लिए क्या करना होता है?

BA के बाद B.Ed करें और CTET पेपर 2 (TGT के लिए) या पेपर 1 (PRT के लिए) पास करें। इसके बाद KVS, DSSSB या राज्य की शिक्षक भर्तियों में आवेदन करें।

क्या BA में गणित लेकर टीचर बन सकते हैं?

BA में गणित आमतौर पर नहीं होता, गणित B.Sc का विषय है। गणित के टीचर बनने के लिए B.Sc में गणित के साथ भौतिकी या रसायन जैसे विषय लेने होते हैं। BA के छात्र भाषा और सामाजिक विज्ञान के टीचर बन सकते हैं।

निष्कर्ष – टीचर बनने के लिए BA में कौन सा सब्जेक्ट ले | teacher banne ke liye ba mein kaun sa subject le

टीचर बनने के लिए BA में कौन सा सब्जेक्ट ले, इसका जवाब आपकी मंजिल पर निर्भर करता है। सीधा नियम यही है कि जो विषय पढ़ाना है, वही विषय BA में लें। हिंदी के लिए हिंदी, अंग्रेजी के लिए अंग्रेजी साहित्य, इतिहास के लिए इतिहास, भूगोल के लिए भूगोल, राजनीति विज्ञान के लिए राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र के लिए अर्थशास्त्र लें।

TGT सामाजिक विज्ञान के लिए यह नियम थोड़ा अलग है — वहां इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र और राजनीति विज्ञान में से कोई दो विषय चाहिए, जिनमें से एक इतिहास या भूगोल होना जरूरी है। यही एक शर्त है, जिसे भूलने पर सबसे ज्यादा नुकसान होता है।

अंत में यही सलाह है कि BA में एडमिशन लेने से पहले यह तय कर लें कि आप किस विषय के टीचर बनना चाहते हैं, उस विषय को कितने साल तक पढ़ाया जाएगा, यह कॉलेज से पूछ लें, और BA के दौरान उस विषय में अच्छे अंक लाने पर ध्यान दें। सही विषय, सही कॉम्बिनेशन और सही समय पर B.Ed और CTET — यही तीन चीजें आपको सरकारी टीचर बनने के रास्ते पर सबसे आगे ले जाएंगी।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top