TET के लिए eligibility क्या है — यह सवाल हर उस अभ्यर्थी के मन में आता है जो सरकारी शिक्षक बनना चाहता है। सीधा जवाब यह है कि Paper 1 (कक्षा 1–5) के लिए 12वीं में 50% अंक और 2 वर्षीय D.El.Ed चाहिए, जबकि Paper 2 (कक्षा 6–8) के लिए ग्रेजुएशन के साथ B.Ed या D.El.Ed चाहिए। लेकिन इतना जानना काफी नहीं है, क्योंकि B.Ed वालों के लिए प्राइमरी का रास्ता सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बंद हो चुका है, और UPTET की शर्तें CTET से अलग हैं। इस लेख में Paper 1 और Paper 2 की पूरी योग्यता, न्यूनतम अंक, आयु सीमा, नागरिकता और अंतिम वर्ष के छात्रों के नियम — सब कुछ सही जानकारी के साथ बताया गया है।

TET पात्रता: एक नज़र में
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| परीक्षा का नाम | Teacher Eligibility Test (TET) |
| Paper 1 | कक्षा 1 से 5 (प्राथमिक स्तर) |
| Paper 2 | कक्षा 6 से 8 (उच्च प्राथमिक स्तर) |
| Paper 1 की मूल योग्यता | 12वीं में 50% अंक + 2 वर्षीय D.El.Ed |
| Paper 2 की मूल योग्यता | ग्रेजुएशन + B.Ed या D.El.Ed |
| न्यूनतम आयु (CTET) | 18 वर्ष |
| अधिकतम आयु (CTET) | कोई सीमा नहीं |
| नागरिकता | भारतीय नागरिक |
| पासिंग अंक (सामान्य वर्ग) | 150 में से 90 अंक (60%) |
| पासिंग अंक (आरक्षित वर्ग) | 150 में से 82 अंक (55%) |
| प्रमाण पत्र की वैधता | आजीवन |
| प्रयासों की सीमा | कोई सीमा नहीं |
TET क्या है और यह क्यों जरूरी है
TET का पूरा नाम Teacher Eligibility Test है, यानी शिक्षक पात्रता परीक्षा। यह नौकरी की परीक्षा नहीं है — इसे पास करने के बाद ही कोई अभ्यर्थी सरकारी या सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक का शिक्षक बनने के लिए आवेदन कर सकता है।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act), 2009 की धारा 23(1) के तहत NCTE ने 23 अगस्त 2010 और 29 जुलाई 2011 की अधिसूचनाओं से कक्षा 1 से 8 तक के शिक्षकों की न्यूनतम योग्यता तय की थी, जिसमें TET पास करना भी अनिवार्य था।
देश में दो तरह की TET होती है। पहली है CTET, यानी Central Teacher Eligibility Test, जिसे केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) आयोजित करता है। यह केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों के लिए मान्य होती है। दूसरी है State TET, जैसे उत्तर प्रदेश की UPTET, जिसे उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा बोर्ड आयोजित करता है। दोनों की मूल योग्यता NCTE के नियमों पर आधारित होती है, पर राज्यों की अधिसूचना में कुछ शर्तें अलग हो सकती हैं।
TET पास करना नौकरी की गारंटी नहीं देता — यह सिर्फ पात्रता प्रमाणित करता है; नौकरी के लिए अलग से भर्ती परीक्षा (जैसे उत्तर प्रदेश में Super TET) देनी होती है।
Paper 1 और Paper 2 में क्या अंतर है
TET में दो पेपर होते हैं — किसे कौन सा देना है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस कक्षा को पढ़ाना चाहते हैं।
| बात | Paper 1 | Paper 2 |
|---|---|---|
| कक्षा | 1 से 5 | 6 से 8 |
| स्तर | प्राथमिक स्तर (Primary Stage) | उच्च प्राथमिक स्तर (Elementary Stage) |
| शिक्षक का पद | प्राथमिक शिक्षक (PRT) | उच्च प्राथमिक शिक्षक (TGT) |
| मूल शैक्षणिक योग्यता | 12वीं पास | ग्रेजुएशन |
| मुख्य व्यावसायिक योग्यता | D.El.Ed / B.El.Ed | B.Ed / D.El.Ed |
कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने के लिए दोनों पेपर पास करने होते हैं, जिनके लिए अलग-अलग आवेदन करना होता है।
Paper 1 की योग्यता — कक्षा 1 से 5 के लिए
Paper 1 उन अभ्यर्थियों के लिए है जो कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को पढ़ाना चाहते हैं। इसके लिए NCTE के नियमों के अनुसार नीचे दिए गए रास्तों में से कोई एक पूरा होना चाहिए:
- पहला रास्ता: 12वीं (या समकक्ष) में कम से कम 50% अंक, और 2 वर्षीय Diploma in Elementary Education (D.El.Ed) में उत्तीर्ण या अंतिम वर्ष में अध्ययनरत होना।
- दूसरा रास्ता: 12वीं में कम से कम 45% अंक, और 2 वर्षीय D.El.Ed, जो NCTE (Recognition Norms and Procedure) Regulations, 2002 के अनुसार हो।
- तीसरा रास्ता: 12वीं में कम से कम 50% अंक, और 4 वर्षीय Bachelor of Elementary Education (B.El.Ed) में उत्तीर्ण या अंतिम वर्ष में अध्ययनरत होना।
- चौथा रास्ता: 12वीं में कम से कम 50% अंक, और 2 वर्षीय Diploma in Education (Special Education) में उत्तीर्ण या अंतिम वर्ष में अध्ययनरत होना।
- पाँचवाँ रास्ता: ग्रेजुएशन, और 2 वर्षीय D.El.Ed में उत्तीर्ण या अंतिम वर्ष में अध्ययनरत होना (ग्रेजुएशन में अंकों की कोई न्यूनतम शर्त नहीं)।
- छठा रास्ता: किसी भी विषय में Post-Graduation में कम से कम 55% अंक, और 3 वर्षीय एकीकृत B.Ed–M.Ed कोर्स (NCTE नोटिस, 13 अक्टूबर 2021)।
सबसे आम रास्ता पहला है — 12वीं में 50% अंक और D.El.Ed। उत्तर प्रदेश में D.El.Ed को ही BTC कहा जाता है। Special Education डिप्लोमा सिर्फ RCI से मान्यता प्राप्त संस्थान से ही मान्य होगा, और ऐसे अभ्यर्थियों को नियुक्ति के बाद 6 महीने का Special Programme in Elementary Education भी करना होता है।
D.El.Ed के बाद का पूरा रास्ता यहाँ पढ़ें: D.El.Ed के बाद सरकारी शिक्षक कैसे बनें।
Paper 2 की योग्यता — कक्षा 6 से 8 के लिए
Paper 2 उन अभ्यर्थियों के लिए है जो कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाना चाहते हैं। इसके लिए नीचे दिए गए रास्तों में से कोई एक पूरा होना चाहिए:
- पहला रास्ता: ग्रेजुएशन, और 2 वर्षीय D.El.Ed में उत्तीर्ण या अंतिम वर्ष में अध्ययनरत होना।
- दूसरा रास्ता: ग्रेजुएशन में कम से कम 50% अंक, और 1 वर्षीय Bachelor in Education (B.Ed) में उत्तीर्ण या अध्ययनरत होना।
- तीसरा रास्ता: ग्रेजुएशन में कम से कम 45% अंक, और 1 वर्षीय B.Ed, जो NCTE के नियमों के अनुसार हो।
- चौथा रास्ता: 12वीं में कम से कम 50% अंक, और 4 वर्षीय B.El.Ed में उत्तीर्ण या अंतिम वर्ष में अध्ययनरत होना।
- पाँचवाँ रास्ता: 12वीं में कम से कम 50% अंक, और 4 वर्षीय B.A.Ed / B.Sc.Ed या B.A / B.Sc.Ed में उत्तीर्ण या अंतिम वर्ष में अध्ययनरत होना।
- छठा रास्ता: ग्रेजुएशन में कम से कम 50% अंक, और 1 वर्षीय B.Ed (Special Education) में उत्तीर्ण या अध्ययनरत होना।
- सातवाँ रास्ता: किसी भी विषय में Post-Graduation में कम से कम 55% अंक, और 3 वर्षीय एकीकृत B.Ed–M.Ed कोर्स (NCTE नोटिस, 13 अक्टूबर 2021)।
Paper 2 में B.Ed सबसे आम रास्ता है — ग्रेजुएशन में 50% अंक और B.Ed करने वाला अभ्यर्थी पूरी तरह पात्र है। अंकों की शर्त ग्रेजुएशन के अंकों पर लागू होती है, 12वीं के अंकों पर नहीं। आरक्षित वर्गों (SC, ST, OBC, PwD) को न्यूनतम योग्यता अंकों में 5% तक की छूट मिलती है।
क्या B.Ed वाले Paper 1 (प्राइमरी) दे सकते हैं?
सीधा जवाब है — नहीं, अब B.Ed धारक कक्षा 1 से 5 के प्राथमिक शिक्षक पद के लिए पात्र नहीं हैं। यह सुप्रीम कोर्ट के फैसले से तय हो चुका है।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला — 11 अगस्त 2023
मामला था Devesh Sharma बनाम भारत संघ (Civil Appeal No. 5068 of 2023)। NCTE ने 28 जून 2018 की अधिसूचना से B.Ed धारकों को भी प्राथमिक शिक्षक के पद के लिए पात्र बना दिया था, शर्त थी नियुक्ति के 2 साल के भीतर 6 महीने का ब्रिज कोर्स। राजस्थान हाई कोर्ट ने 25 नवंबर 2021 को इस अधिसूचना को रद्द कर दिया। 11 अगस्त 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट का फैसला सही ठहराया और NCTE की अधिसूचना रद्द कर दी — प्राथमिक शिक्षक के लिए जरूरी योग्यता D.El.Ed है, B.Ed नहीं।
2024 की समीक्षा — फैसला सिर्फ आगे से लागू
जो B.Ed धारक 2018 से 2023 के बीच प्राथमिक शिक्षक बन चुके थे, उनके लिए सुप्रीम कोर्ट ने 8 अप्रैल 2024 की समीक्षा में स्पष्ट किया कि 11 अगस्त 2023 का फैसला सिर्फ आगे से (prospective operation) लागू होगा — पहले नियुक्त शिक्षकों को नहीं हटाया जाएगा। 28 जून 2018 से 10 अगस्त 2023 के बीच नियुक्त B.Ed धारकों को 6 महीने का ब्रिज कोर्स करना होगा, जो National Institute of Open Schooling (NIOS) से कराया गया था।
NCTE की चेतावनी — फर्जी खबरों से बचें
2026 में खबरें चलीं कि NCTE ने B.Ed को फिर से CTET Paper 1 के लिए मान्य कर दिया है। NCTE ने इन्हें फर्जी बताया — उसने ऐसा कोई नोटिस जारी नहीं किया है। सही जानकारी सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट पर ही देखें।
NIOS से 18 महीने का D.El.Ed भी मान्य नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने 28 नवंबर 2023 के फैसले में कहा कि NIOS से किया गया 18 महीने का D.El.Ed प्राथमिक शिक्षक के पद के लिए मान्य नहीं है।
मतलब साफ है — प्राइमरी के लिए D.El.Ed, B.El.Ed या Special Education डिप्लोमा चाहिए; B.Ed वालों के लिए Paper 2 (कक्षा 6–8) का रास्ता खुला है।
बिना B.Ed के शिक्षक बनने के तरीके: B.Ed के बिना सरकारी शिक्षक कैसे बनें।
अंतिम वर्ष के छात्र फॉर्म भर सकते हैं?
हाँ, भर सकते हैं। यह उन अभ्यर्थियों के लिए सबसे राहत वाली बात है जो अभी अपना कोर्स पूरा कर रहे हैं।
CTET की सूचना पुस्तिका में हर योग्यता के साथ लिखा होता है कि अभ्यर्थी उस कोर्स में उत्तीर्ण हो या अंतिम वर्ष में अध्ययनरत हो। यानी D.El.Ed, B.El.Ed या B.Ed के अंतिम वर्ष/सेमेस्टर में होने पर आप फॉर्म भर सकते हैं।
शर्त यह है कि भर्ती के समय दस्तावेजों की जाँच तक आपका अंतिम परिणाम आ जाना चाहिए और डिग्री/डिप्लोमा का प्रमाण पत्र होना चाहिए, वरना पात्रता रद्द हो सकती है। यह नियम पहले या दूसरे वर्ष के छात्रों पर लागू नहीं होता।
आयु सीमा, नागरिकता और प्रयासों की सीमा
आयु सीमा
CTET के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष है। CTET में कोई अधिकतम आयु सीमा नहीं है — आप किसी भी उम्र में CTET दे सकते हैं, बशर्ते आपकी शैक्षणिक योग्यता पूरी हो।
पर भर्ती की आयु सीमा होती है — Super TET, KVS या DSSSB जैसी भर्तियों में न्यूनतम 21 वर्ष और अधिकतम 40 वर्ष जैसी सीमाएँ लागू होती हैं।
शिक्षक बनने की पूरी आयु सीमा यहाँ पढ़ें: सरकारी शिक्षक बनने के लिए उम्र कितनी होनी चाहिए।
नागरिकता
CTET के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी का भारत का नागरिक होना जरूरी है।
प्रयासों की सीमा
TET में प्रयासों की कोई सीमा नहीं है। आप जितनी बार चाहें, परीक्षा दे सकते हैं। जो अभ्यर्थी पहले से TET पास कर चुके हैं, वे भी अपने अंक सुधारने के लिए दोबारा परीक्षा दे सकते हैं।
UPTET की योग्यता CTET से कैसे अलग है
उत्तर प्रदेश के अभ्यर्थियों के लिए यह हिस्सा सबसे जरूरी है — UPTET की शर्तें CTET से थोड़ी अलग हैं।
UPTET में Paper 1 के लिए उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा बोर्ड के नियमों के अनुसार ग्रेजुएशन + 2 वर्षीय D.El.Ed / BTC चाहिए — सिर्फ 12वीं + D.El.Ed से काम नहीं चलता, ग्रेजुएशन भी जरूरी है। यह CTET से अलग है, जहाँ 12वीं में 50% अंक और D.El.Ed ही काफी है। Paper 2 के लिए ग्रेजुएशन के साथ B.Ed या D.El.Ed चाहिए, जो CTET जैसा ही है।
UPTET की आयु सीमा को लेकर अलग-अलग वेबसाइटों पर अलग-अलग जानकारी है — कुछ में 18 से 35 वर्ष और 21 से 40 वर्ष लिखा है, तो कुछ में सिर्फ न्यूनतम 18 वर्ष। यह भ्रम इसलिए है क्योंकि भर्ती परीक्षा (Super TET) की आयु सीमा को UPTET पर लागू करके लिखा जा रहा है। सही जानकारी के लिए हमेशा updeled.gov.in पर जारी नवीनतम आधिकारिक अधिसूचना ही देखें। इस लेख में UPTET 2026 की परीक्षा तिथि इसलिए नहीं दी गई है, क्योंकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली है।
CTET और UPTET के सभी अंतर यहाँ पढ़ें: CTET और UPTET में अंतर।
12वीं या ग्रेजुएशन में 50% से कम अंक हों तो क्या करें?
12वीं या ग्रेजुएशन में 50% से कम अंक हों, तो भी कुछ रास्ते खुले रहते हैं।
पहला, NCTE (Recognition Norms and Procedure) Regulations, 2002 के अनुसार 12वीं में 45% अंक और 2 वर्षीय D.El.Ed वाला अभ्यर्थी भी Paper 1 के लिए पात्र हो सकता है। इसी तरह Paper 2 के लिए ग्रेजुएशन में 45% अंक और 1 वर्षीय B.Ed वाला रास्ता भी है।
दूसरा, आरक्षित वर्गों (SC, ST, OBC, PwD) को न्यूनतम योग्यता अंकों में 5% तक की छूट मिलती है।
तीसरा, Paper 1 के पाँचवें रास्ते में — ग्रेजुएशन + 2 वर्षीय D.El.Ed — ग्रेजुएशन में अंकों की कोई न्यूनतम शर्त ही नहीं है।
उदाहरण: 12वीं में 47% और B.Sc में 53% अंक वाले B.Ed धारक Paper 1 के लिए पात्र नहीं होंगे, क्योंकि 12वीं में 50% अंक नहीं हैं। लेकिन वे Paper 2 के लिए पूरी तरह पात्र होंगे, क्योंकि ग्रेजुएशन में 50% से ज्यादा अंक हैं और B.Ed भी है। इसलिए पहले यह जाँच लें कि आप किस पेपर के लिए पात्र हैं — कई बार एक पेपर का रास्ता बंद हो, तो दूसरे का खुला होता है।
TET पास करने के लिए कितने अंक चाहिए?
TET एक क्वालिफाइंग परीक्षा है — इसमें मेरिट नहीं बनती, बस पास होना होता है। पास होने के अंक इस प्रकार हैं:
- सामान्य वर्ग (General): 150 में से 90 अंक, यानी 60%
- आरक्षित वर्ग (SC, ST, OBC, PwD): 150 में से 82 अंक, यानी 55%
CTET में नेगेटिव मार्किंग नहीं होती, इसलिए गलत उत्तर पर अंक नहीं कटते। TET प्रमाण पत्र की वैधता अब आजीवन है — पहले यह 7 साल की होती थी। विस्तार से यहाँ पढ़ें: TET प्रमाण पत्र की वैधता कितने साल होती है।
आवेदन से पहले की चेकलिस्ट
फॉर्म भरने से पहले नीचे दी गई बातें जरूर जाँच लें, ताकि बाद में आवेदन रद्द न हो:
- मान्यता जाँचें: आपका D.El.Ed/B.Ed/B.El.Ed कोर्स NCTE से मान्यता प्राप्त संस्थान से हो; Special Education का कोर्स RCI से मान्यता प्राप्त हो।
- पेपर चुनें: योग्यता के हिसाब से Paper 1, Paper 2 या दोनों चुनें — B.Ed वाले सिर्फ Paper 2 के लिए पात्र हैं।
- अंक जाँचें: 12वीं/ग्रेजुएशन के अंक संबंधित रास्ते की न्यूनतम शर्त पूरी करते हों।
- अंतिम वर्ष के छात्र: सिर्फ अंतिम वर्ष के छात्र ही इस आधार पर फॉर्म भर सकते हैं।
- आधिकारिक अधिसूचना पढ़ें: CTET के लिए ctet.nic.in और UPTET के लिए updeled.gov.in की नवीनतम सूचना पुस्तिका ही अंतिम मानी जाएगी — किसी और वेबसाइट की जानकारी को अंतिम सच न मानें।
- परीक्षा में बैठना ≠ नियुक्ति की पात्रता: परीक्षा में बैठने की अनुमति का मतलब पात्रता की जाँच नहीं है — अंतिम जाँच भर्ती संस्था नियुक्ति के समय करती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या B.Ed वाले TET Paper 1 दे सकते हैं?
नहीं। सुप्रीम कोर्ट के 11 अगस्त 2023 के फैसले (Devesh Sharma मामला) के बाद B.Ed धारक प्राथमिक शिक्षक पद (कक्षा 1–5) के लिए पात्र नहीं हैं — वे सिर्फ Paper 2 दे सकते हैं।
TET के लिए आयु सीमा क्या है?
CTET के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष है, अधिकतम कोई सीमा नहीं। भर्ती परीक्षाओं (जैसे Super TET) की आयु सीमा अलग होती है।
क्या 12वीं के बाद TET दे सकते हैं?
हाँ, Paper 1 के लिए 12वीं में 50% अंक और 2 वर्षीय D.El.Ed होना काफी है। लेकिन उत्तर प्रदेश में UPTET Paper 1 के लिए ग्रेजुएशन भी जरूरी है।
TET के लिए कितने प्रतिशत अंक चाहिए?
Paper 1 के लिए 12वीं में 50% और Paper 2 के लिए ग्रेजुएशन में 50% अंक चाहिए। आरक्षित वर्गों को 5% तक की छूट मिलती है, और कुछ रास्तों में 45% अंक भी मान्य हैं।
अंतिम वर्ष के छात्र TET का फॉर्म भर सकते हैं?
हाँ। D.El.Ed, B.El.Ed या B.Ed के अंतिम वर्ष के छात्र इस आधार पर फॉर्म भर सकते हैं, पर भर्ती के समय तक डिग्री पूरी होनी चाहिए।
TET पास करने के लिए कितने नंबर चाहिए?
सामान्य वर्ग को 150 में से 90 अंक (60%) और आरक्षित वर्ग को 150 में से 82 अंक (55%) चाहिए। CTET में नेगेटिव मार्किंग नहीं होती।
क्या महिलाओं के लिए TET की eligibility अलग होती है?
नहीं। TET की योग्यता, अंक और आयु सीमा महिलाओं और पुरुषों के लिए एक जैसी है — अलग नियम नहीं है। छूट सिर्फ आरक्षित वर्गों (SC/ST/OBC) को category के हिसाब से मिलती है, जैसे पासिंग अंक 150 में 82।
TET eligibility की official notification PDF कहाँ से डाउनलोड करें?
CTET की official notification और syllabus PDF ctet.nic.in पर और UPTET की updeled.gov.in पर मिलती है — सिर्फ official site से ही PDF डाउनलोड करें।
TET का syllabus क्या है?
Paper 1 (कक्षा 1–5) में 5 विषय — बाल विकास व शिक्षाशास्त्र, भाषा-1, भाषा-2, गणित और पर्यावरण अध्ययन — हर एक 30 अंक का। Paper 2 (कक्षा 6–8) में पहले 3 विषय 30-30 अंक के और आखिरी खंड गणित-विज्ञान या सामाजिक अध्ययन का 60 अंक का होता है। दोनों पेपर 150 अंक के, 2.5 घंटे के होते हैं और नेगेटिव मार्किंग नहीं होती।
निष्कर्ष
TET की पात्रता समझना मुश्किल नहीं है — कक्षा 1 से 5 के लिए D.El.Ed, B.El.Ed या Special Education डिप्लोमा चाहिए, और कक्षा 6 से 8 के लिए ग्रेजुएशन के साथ B.Ed या D.El.Ed। B.Ed वालों के लिए प्राइमरी का रास्ता सुप्रीम कोर्ट के 11 अगस्त 2023 के फैसले के बाद बंद है, इसलिए वे Paper 2 पर ध्यान दें।
आवेदन से पहले अपनी योग्यता ऊपर दिए गए रास्तों से मिलाएँ, और ctet.nic.in या updeled.gov.in की नवीनतम अधिसूचना जरूर पढ़ें। सही पेपर चुनकर तैयारी शुरू करें — पात्रता साफ हो, तो आधी तैयारी वहीं पूरी हो जाती है।
