MP में 25 पशु पालने वालों के लिए बड़ा ऐलान — ₹10 लाख का सच क्या है, आवेदन कब से?
मध्य प्रदेश के किसानों और पशुपालकों के लिए 24 अक्टूबर 2026 को एक बड़ी खबर सामने आई है। धार ज़िले में हुए एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जो किसान 25 गाय या भैंस खरीदकर dairy unit शुरू करेंगे, उन्हें ₹10 लाख का अनुदान दिया जाएगा। इस घोषणा का मकसद राज्य में दूध उत्पादन बढ़ाना बताया गया है।
लेकिन इस खबर को पढ़ते ही सबसे ज़रूरी बात साफ कर देना ज़रूरी है, और वह बात इस लेख की शुरुआत में ही है: अभी सिर्फ घोषणा हुई है, आवेदन की विस्तृत गाइडलाइन जारी नहीं हुई है। यानी यह खबर सुनकर यह समझना गलत होगा कि कल से ही form भरना शुरू हो गया है या पैसा सीधे खाते में आ जाएगा। घोषणा और आवेदन दो अलग-अलग चीज़ें हैं, और इस लेख में हम दोनों के बीच का फर्क साफ-साफ बताएंगे।
तो अगर आप मध्य प्रदेश में रहते हैं और dairy का काम करते हैं या शुरू करना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए है। इसमें हम बताएंगे कि घोषणा में क्या कहा गया है, किसे फायदा हो सकता है, उसी कार्यक्रम में और क्या घोषणाएं हुईं, और पुरानी Mukhyamantri Dairy Plus Yojana से इस नई घोषणा का क्या फर्क है। साथ ही यह भी बताएंगे कि जब तक गाइडलाइन नहीं आती, तब तक आपको क्या करना चाहिए और किन अफवाहों से बचना चाहिए।

Overview: एक नज़र में
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| घोषणा की तारीख | 24 अक्टूबर 2026 |
| घोषणा की जगह | धार ज़िला, सरदारपुर कार्यक्रम, मध्य प्रदेश |
| घोषणा किसने की | मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव |
| अनुदान की राशि (घोषणा के अनुसार) | ₹10 लाख |
| शर्त (घोषणा के अनुसार) | 25 या उससे ज़्यादा दुधारू पशुओं (गाय/भैंस) की dairy unit |
| मकसद | दूध उत्पादन बढ़ाना |
| अभियान / संदर्भ | Kisan Kalyan Varsh |
| आवेदन प्रक्रिया | अभी जारी नहीं हुई है — विस्तृत गाइडलाइन का इंतज़ार है |
| आवेदन शुरू होने की तारीख | अभी घोषित नहीं हुई है (अपुष्ट) |
| अंतिम तारीख | अभी घोषित नहीं हुई है (अपुष्ट) |
| संबंधित विभाग (सामान्य जानकारी) | पशुपालन एवं डेयरी विभाग, मध्य प्रदेश |
| विभागीय website (सामान्य जानकारी) | mpdah.gov.in |
घोषणा में क्या कहा गया — सीधी बात
24 अक्टूबर 2026 को धार ज़िले के सरदारपुर कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने dairy को लेकर यह बात कही कि 25 या उससे ज़्यादा दुधारू पशु पालने वाले किसानों को dairy unit शुरू करने के लिए ₹10 लाख का अनुदान दिया जाएगा। यह घोषणा Kisan Kalyan Varsh के संदर्भ में की गई है। मुख्यमंत्री का कहना है कि पशुपालन और dairy उद्योग को बढ़ावा देना राज्य की प्राथमिकता है, ताकि किसानों की आमदनी बढ़े और दूध उत्पादन में इज़ाफा हो।
यहां भाषा पर ध्यान देना ज़रूरी है। खबरों में इस राशि को कभी अनुदान कहा गया है, कभी subsidy कहा गया है। आम भाषा में दोनों का मतलब यही है कि सरकार की ओर से मिलने वाली आर्थिक मदद, जिसे वापस नहीं करना होता, बशर्ते आप शर्तें पूरी करें। लेकिन इस नई घोषणा के मामले में अभी यह साफ नहीं है कि यह मदद एक बार में मिलेगी या किस्तों में, और किन शर्तों के साथ मिलेगी। इसलिए इस लेख में हम सिर्फ उतना ही पक्का मानकर चल रहे हैं जितना घोषणा में कहा गया है — ₹10 लाख और 25 या उससे ज़्यादा दुधारू पशु।
एक और बात जो अक्सर लोग पूछ रहे हैं, वह यह है कि क्या यह घोषणा पूरे मध्य प्रदेश के लिए है। इसका सीधा जवाब यह है कि यह बात अभी अपुष्ट है। घोषणा धार के कार्यक्रम में हुई है, लेकिन यह साफ तौर पर सामने नहीं आया है कि इसका दायरा पूरे राज्य में होगा या किसी खास क्षेत्र तक सीमित रहेगा। इसलिए जब तक आधिकारिक गाइडलाइन नहीं आ जाती, तब तक यह मानकर न चलें कि यह हर ज़िले में एक ही तरह से लागू हो जाएगी। गाइडलाइन आने के बाद ही दायरे की पक्की जानकारी मिलेगी।
किसे फायदा हो सकता है — छोटा पशुपालक या बड़ा dairy किसान
25 पशुओं की शर्त अपने आप में बहुत कुछ बता देती है। यह शर्त छोटे पशुपालक के लिए नहीं है, जो घर में दो-चार गाय या भैंस पालता है। 25 दुधारू पशु पालना एक commercial dairy unit की तरह है। इसके लिए बड़ी जगह, चारा, पानी, पशुओं की देखभाल, दूध बेचने का इंतज़ाम और रोज़ाना की मेहनत चाहिए होती है। इसलिए यह घोषणा उन किसानों और पशुपालकों के लिए ज़्यादा मायने रखती है जो dairy को एक व्यवसाय की तरह बढ़ाना चाहते हैं।
अगर आपके पास अभी 25 से कम पशु हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप इस घोषणा से पूरी तरह बाहर हो गए हैं। हो सकता है कि गाइडलाइन में यह साफ किया जाए कि नए पशु खरीदकर unit बनाना भी इसमें शामिल होगा, या हो सकता है कि सिर्फ पहले से 25 पशु रखने वालों को ही माना जाए। यह बात भी अभी अपुष्ट है। घोषणा में कहा गया है कि 25 गाय या भैंस खरीदकर dairy unit शुरू करने वालों को अनुदान मिलेगा, जिससे लगता है कि नई unit शुरू करना भी इसमें शामिल हो सकता है। लेकिन पक्की शर्त गाइडलाइन से ही पता चलेगी।
दूसरी तरफ, अगर आप पहले से dairy का काम कर रहे हैं और 25 पशुओं तक पहुंचने की सोच रहे हैं, तो यह घोषणा आपके लिए एक मौका हो सकती है। लेकिन जल्दबाज़ी में पशु खरीद लेना सही नहीं होगा — पहले गाइडलाइन का इंतज़ार करें और पात्रता की शर्तें देखें।
महिला पशुपालकों के लिए भी यह सवाल उठता है कि क्या वे इसमें शामिल होंगी। इस बारे में भी अभी कोई अलग पक्की जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए किसी भी वर्ग के लिए अलग से दावा करके न चलें। गाइडलाइन आने पर ही यह साफ होगा कि महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग या सामान्य वर्ग के लिए नियम एक जैसे होंगे या अलग।
अभी आवेदन क्यों नहीं कर सकते — घोषणा बनाम गाइडलाइन
सरकारी योजनाओं में अक्सर ऐसा होता है कि पहले घोषणा होती है, फिर विभाग गाइडलाइन बनाता है, फिर आवेदन का तरीका तय होता है, और तब जाकर form भरना शुरू होता है। इस नई dairy घोषणा के मामले में भी यही स्थिति है। इस लेख के लिखे जाने तक इस नई grant के लिए कोई आधिकारिक अधिसूचना या गाइडलाइन सामने नहीं आई है।
इसका मतलब यह है कि अभी इन सवालों के पक्के जवाब नहीं हैं। आवेदन कब से शुरू होगा, यह अभी तय नहीं है। आवेदन online होगा या offline, यह भी साफ नहीं है। कौन-कौन से दस्तावेज़ लगेंगे, यह भी अभी सामने नहीं आया है। पैसा एक बार में मिलेगा या किस्तों में, यह भी अपुष्ट है। अंतिम तारीख क्या होगी, यह भी अभी घोषित नहीं हुई है। और इस योजना के लिए कोई अलग dedicated portal है या नहीं, यह भी अभी पता नहीं है।
इसलिए अगर कोई व्यक्ति, agent या website आपसे यह कहे कि वह इस नई योजना का form भर देगा, या इसके लिए पैसे लेकर आपका नाम दर्ज करा देगा, तो सावधान हो जाएं। जब गाइडलाइन ही जारी नहीं हुई है, तो form भरने का सवाल ही नहीं उठता। ऐसे लोगों से बचें और किसी को भी इस योजना के नाम पर पैसे न दें।
जब तक गाइडलाइन नहीं आती, तब तक सुरक्षित रास्ता यही है कि आप अपने ज़िले के पशु चिकित्सा कार्यालय या उपसंचालक पशु चिकित्सा कार्यालय से संपर्क में रहें और विभागीय जानकारी पर नज़र रखें। यहां यह साफ कर देना ज़रूरी है कि ये सामान्य विभागीय संपर्क हैं, इस नई योजना का आवेदन link नहीं हैं। यानी इनसे आपको सही जानकारी मिल सकती है, लेकिन यह दावा नहीं किया जा रहा है कि यहीं से इस योजना का आवेदन होगा। इसी तरह, mpdah.gov.in को भी सामान्य विभागीय website के तौर पर देखें, इस नई योजना के आवेदन portal के तौर पर नहीं।
उसी कार्यक्रम में और क्या घोषणाएं हुईं
धार के उसी कार्यक्रम में सिर्फ dairy की घोषणा नहीं हुई, बल्कि किसानों से जुड़ी और भी बड़ी घोषणाएं हुईं। इनमें सबसे बड़ी घोषणा ₹2,387.60 करोड़ की micro lift-irrigation project की है, जो धार और झाबुआ के लिए बताई गई है। इससे करीब 72,000 किसानों को फायदा होने और करीब 260 गांवों को कवर करने की बात कही गई है। सिंचाई की यह परियोजना इसलिए अहम है क्योंकि पानी की उपलब्धता सीधे तौर पर खेती और पशुपालन दोनों को प्रभावित करती है। जहां सिंचाई अच्छी होती है, वहां चारा भी अच्छा होता है, और चारा अच्छा होगा तो दूध उत्पादन भी बेहतर हो सकता है।
इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने Mukhyamantri Sugam Parivahan बस सेवा का भी ज़िक्र किया और Swamitva के तहत 50 लाख मुफ्त रजिस्ट्रियों की बात भी सामने आई। ये घोषणाएं सीधे तौर पर dairy अनुदान से जुड़ी नहीं हैं, लेकिन इनसे यह समझ आता है कि कार्यक्रम का फोकस किसानों और ग्रामीण इलाकों की सुविधाओं पर था।
सिंचाई परियोजना की राशि और लाभार्थियों की संख्या भी घोषणा के अनुसार है — इसका मतलब यह नहीं है कि हर गांव में कल से ही पानी पहुंच जाएगा। बड़ी परियोजनाओं में काम चरणों में होता है।
अगर आप किसान हैं और सिंचाई, पशुपालन या किसी और योजना की खबरें पढ़ते हैं, तो एक आदत बना लें — हर खबर में यह देखें कि वह घोषणा है, गाइडलाइन है या आवेदन शुरू हो गया है। यही तीन शब्द आपको अफवाहों से बचा सकते हैं। घोषणा का मतलब है बात कही गई है। गाइडलाइन का मतलब है नियम तय हो गए हैं। आवेदन शुरू का मतलब है form भरा जा सकता है। इस dairy मामले में अभी हम पहले चरण पर हैं — घोषणा पर।
पुरानी Dairy Plus योजना से फर्क — दोनों को मिलाकर न देखें
मध्य प्रदेश में पहले से एक अलग योजना चल रही है — Mukhyamantri Dairy Plus Yojana। इस लेख में इसका ज़िक्र इसलिए ज़रूरी है क्योंकि लोग नई घोषणा को इसी पुरानी योजना से मिलाकर गलत समझ सकते हैं। दोनों में बहुत बड़ा फर्क है, इसलिए इन्हें अलग-अलग समझिए।
पुरानी Dairy Plus योजना में 2 Murrah भैंसों की unit दी जाती है। इसकी unit cost करीब ₹2.95 लाख बताई गई है। इसमें subsidy सामान्य और पिछड़ा वर्ग के लिए 50% और अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के लिए 75% बताई गई है। यह योजना पशुपालन एवं डेयरी विभाग के ज़रिए चलती है और इसकी जानकारी mpdah.gov.in पर मिलती है।
अब नई घोषणा से तुलना कीजिए। नई घोषणा में 25 या उससे ज़्यादा पशुओं की बात है, जबकि पुरानी योजना में सिर्फ 2 भैंसों की बात है। नई घोषणा में ₹10 लाख की राशि कही गई है, जबकि पुरानी योजना में प्रतिशत के हिसाब से subsidy है। यानी दोनों का आकार, मकसद और शर्तें बिल्कुल अलग हैं। एक छोटी unit के लिए है, दूसरी बड़ी commercial unit के लिए है।
यहां एक और ज़रूरी चेतावनी है। Dairy Plus योजना से जुड़ा helpline नंबर 0755-2772262 जो सामने आया है, वह उसी पुरानी योजना के CM Helpline scheme page से जुड़ा है। इसे इस नई ₹10 लाख वाली घोषणा का helpline मानकर न चलें। नई योजना के लिए कोई अलग helpline अभी सामने नहीं आई है। इसलिए अगर कोई आपको यह नंबर नई योजना का helpline बताकर दे, तो समझिए कि जानकारी गलत तरीके से जोड़ी जा रही है।
अगर आप छोटी dairy शुरू करना चाहते हैं, तो Dairy Plus जैसी पुरानी योजना आपके लिए ज़्यादा काम की हो सकती है। और अगर आप बड़ी dairy unit की सोच रहे हैं, तो नई घोषणा पर नज़र रखें, लेकिन गाइडलाइन का इंतज़ार करें। दोनों में से किसमें आवेदन करना है, यह आपकी ज़रूरत, पशुओं की संख्या और आर्थिक स्थिति पर निर्भर करेगा। किसी एक की जानकारी को दूसरे पर लागू न करें।
गाइडलाइन आने तक क्या करें — सुरक्षित कदम
पहला कदम यह है कि आप कोई जल्दबाज़ी वाला फैसला न लें। 25 पशु खरीदना एक बड़ा निवेश है। अगर आपने सिर्फ घोषणा सुनकर ही पशु खरीद लिए और बाद में गाइडलाइन में शर्तें कुछ और निकलीं, तो नुकसान हो सकता है। इसलिए पहले नियम आने दें, फिर निवेश का फैसला करें।
दूसरा कदम यह है कि अपने कागज़ तैयार रखें, लेकिन किसी को पैसे देकर form भरवाने के चक्कर में न पड़ें। आमतौर पर सरकारी योजनाओं में पहचान पत्र, निवास प्रमाण, बैंक खाता, ज़मीन या पशुपालन से जुड़े दस्तावेज़ मांगे जाते हैं, लेकिन इस नई योजना के लिए कौन से दस्तावेज़ लगेंगे, यह अभी अपुष्ट है। इसलिए किसी की बताई हुई दस्तावेज़ों की list को पक्का मानकर न चलें।
तीसरा कदम यह है कि अपने ज़िले के पशु चिकित्सा कार्यालय से संपर्क बनाए रखें। वहां से आपको यह पता चल सकता है कि गाइडलाइन आई है या नहीं, और आगे क्या प्रक्रिया होगी। यह संपर्क सामान्य विभागीय संपर्क के तौर पर करें, न कि इस योजना के आवेदन के तौर पर।
चौथा कदम यह है कि दूध बेचने का इंतज़ाम पहले से सोचकर रखें। बड़ी dairy unit में सबसे बड़ी चुनौती दूध की बिक्री होती है। अगर आपके इलाके में dairy, सहकारी समिति या दूध खरीदार की व्यवस्था नहीं है, तो 25 पशुओं का दूध संभालना मुश्किल हो सकता है। इसलिए unit की योजना बनाते समय दूध की बिक्री, चारे की व्यवस्था और पशुओं की देखभाल — तीनों को एक साथ देखें।
पांचवां कदम यह है कि अफवाहों से बचें। सोशल मीडिया पर इस योजना को लेकर कई तरह के दावे फैल सकते हैं — जैसे आवेदन की आखिरी तारीख, form का link, या पैसा मिलने की तारीख। जब तक आधिकारिक गाइडलाइन नहीं आती, तब तक ऐसे दावों को सच न मानें। पक्की जानकारी सिर्फ विभागीय सूचना से ही मिलेगी।
किसान-हित की जानकारी के संदर्भ में यह लेख भी देखें (इस नई MP dairy घोषणा से इसका सीधा संबंध नहीं है): UP Byaj Mafi Yojana 2026।

FAQ — आपके सवालों के जवाब
सवाल: MP में ₹10 लाख dairy अनुदान की घोषणा किसने की?
जवाब: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 24 अक्टूबर 2026 को धार ज़िले के सरदारपुर कार्यक्रम में यह घोषणा की है। यह घोषणा Kisan Kalyan Varsh के संदर्भ में की गई है।
सवाल: ₹10 लाख किसे मिलेगा?
जवाब: घोषणा के अनुसार, जो किसान 25 या उससे ज़्यादा गाय या भैंस खरीदकर dairy unit शुरू करेंगे, उन्हें ₹10 लाख का अनुदान दिया जाएगा। लेकिन पात्रता की विस्तृत शर्तें अभी गाइडलाइन में आनी बाकी हैं, इसलिए इससे ज़्यादा पक्का दावा अभी नहीं किया जा सकता।
सवाल: क्या आवेदन अभी शुरू हो गया है?
जवाब: नहीं। अभी सिर्फ घोषणा हुई है, आवेदन की विस्तृत गाइडलाइन जारी नहीं हुई है। इसलिए अभी आवेदन शुरू होने की तारीख, form का तरीका और अंतिम तारीख — तीनों ही घोषित नहीं हुए हैं।
सवाल: आवेदन online होगा या offline?
जवाब: यह भी अभी अपुष्ट है। गाइडलाइन जारी होने के बाद ही यह साफ होगा कि आवेदन online होगा, offline होगा, या दोनों तरीकों से होगा। तब तक किसी भी link या form को इस योजना का आधिकारिक form मानकर न चलें।
सवाल: 25 से कम पशु वालों को क्या मिलेगा?
जवाब: इस नई घोषणा की शर्त 25 या उससे ज़्यादा पशुओं की है, इसलिए 25 से कम पशु रखने वाले इस घोषणा की शर्त में सीधे तौर पर नहीं आते। लेकिन उनके लिए पहले से चल रही Mukhyamantri Dairy Plus Yojana जैसी योजनाएं हो सकती हैं, जिसमें 2 Murrah भैंसों की unit पर subsidy मिलती है। दोनों योजनाओं को अलग-अलग समझें।
सवाल: क्या यह योजना पूरे मध्य प्रदेश में लागू होगी?
जवाब: यह बात अभी अपुष्ट है। घोषणा धार के कार्यक्रम में हुई है, लेकिन इसका दायरा पूरे राज्य में होगा या किसी खास क्षेत्र तक सीमित रहेगा, यह गाइडलाइन आने के बाद ही साफ होगा।
सवाल: पैसा एक बार में मिलेगा या किस्तों में?
जवाब: यह भी अभी अपुष्ट है। घोषणा में सिर्फ ₹10 लाख की राशि कही गई है, भुगतान का तरीका अभी सामने नहीं आया है। इसलिए एक बार में या किस्तों में — किसी भी तरीके का पक्का दावा अभी नहीं किया जा सकता।
सवाल: इस योजना के लिए कहां संपर्क करें?
जवाब: जब तक गाइडलाइन नहीं आती, तब तक सुरक्षित तरीका यही है कि अपने ज़िले के पशु चिकित्सा कार्यालय या उपसंचालक पशु चिकित्सा कार्यालय से सामान्य जानकारी लें और mpdah.gov.in जैसी विभागीय जानकारी पर नज़र रखें। ये सामान्य विभागीय संपर्क हैं, इस नई योजना का आवेदन link या helpline नहीं हैं।
सवाल: क्या Dairy Plus का helpline नंबर इस नई योजना के लिए भी काम करेगा?
जवाब: नहीं। Dairy Plus योजना से जुड़ा helpline नंबर उसी पुरानी योजना से संबंधित है। उसे इस नई ₹10 लाख वाली घोषणा का helpline मानकर न चलें। नई योजना के लिए कोई अलग helpline अभी सामने नहीं आई है।
सवाल: नई घोषणा और Dairy Plus में मुख्य फर्क क्या है?
जवाब: Dairy Plus में 2 Murrah भैंसों की unit है, unit cost करीब ₹2.95 लाख है, और subsidy 50% (सामान्य/पिछड़ा वर्ग) और 75% (अनुसूचित जाति/जनजाति) है। नई घोषणा में 25 या उससे ज़्यादा पशुओं की dairy unit पर ₹10 लाख की बात है। यानी एक छोटी unit के लिए है, दूसरी बड़ी commercial unit के लिए है।
सवाल: क्या घोषणा सुनकर अभी पशु खरीद लेना चाहिए?
जवाब: जल्दबाज़ी सही नहीं होगी। पहले गाइडलाइन का इंतज़ार करें, पात्रता और शर्तें समझें, फिर निवेश का फैसला करें। बिना नियम जाने बड़ा निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।
Disclaimer: यह लेख 24 अक्टूबर 2026 को धार में हुई घोषणा और उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित है। इस नई dairy grant की आवेदन प्रक्रिया, पात्रता, दस्तावेज़, अंतिम तारीख और दायरे के बारे में अभी कोई आधिकारिक गाइडलाइन सामने नहीं आई है, इसलिए इस लेख में उन सभी बातों को अपुष्ट के तौर पर ही बताया गया है। कोई भी कदम उठाने से पहले मध्य प्रदेश पशुपालन एवं डेयरी विभाग की आधिकारिक सूचना की पुष्टि ज़रूर करें और इस योजना के नाम पर किसी को पैसे न दें।
