TET की तैयारी कैसे करें — यह सवाल हर उस अभ्यर्थी के मन में आता है जो सरकारी शिक्षक बनना चाहता है। सीधा जवाब यह है कि पहले अपना पेपर (Paper 1 या Paper 2) चुनें, फिर परीक्षा पैटर्न और सिलेबस के हिसाब से 3 महीने का स्टडी प्लान बनाएँ, NCERT किताबों और एक अच्छी गाइड से हर विषय की बुनियाद मज़बूत करें, पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र हल करें और आखिरी महीने में मॉक टेस्ट व रिवीज़न पर ध्यान दें। TET एक क्वालिफाइंग परीक्षा है — इसमें मेरिट नहीं बनती, बस पास होना होता है। इस लेख में Paper 1 और Paper 2 का पूरा एग्ज़ाम पैटर्न, विषयवार तैयारी, 3 महीने का प्लान, रोज़ का टाइम टेबल, सही किताबें, मॉक टेस्ट की रणनीति, रिवीज़न प्लान और तैयारी में होने वाली आम गलतियाँ बताई गई हैं।

TET की तैयारी: एक नज़र में
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| परीक्षा का नाम | Teacher Eligibility Test (TET) |
| Paper 1 | कक्षा 1 से 5 (प्राथमिक स्तर) |
| Paper 2 | कक्षा 6 से 8 (उच्च प्राथमिक स्तर) |
| हर पेपर में प्रश्न | 150 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) |
| कुल अंक | 150 अंक (हर सही उत्तर पर 1 अंक) |
| परीक्षा की अवधि | 2.5 घंटे (150 मिनट) |
| नेगेटिव मार्किंग | नहीं होती |
| पासिंग अंक (सामान्य वर्ग) | 150 में से 90 अंक (60%) |
| पासिंग अंक (आरक्षित वर्ग) | 150 में से 82 अंक (55%) |
| प्रमाण पत्र की वैधता | आजीवन |
| तैयारी की सलाह | 3 महीने का स्टडी प्लान + मॉक टेस्ट + रिवीज़न |
पहले परीक्षा पैटर्न समझें — तैयारी की पहली सीढ़ी
TET में दो पेपर होते हैं। Paper 1 उन अभ्यर्थियों के लिए है जो कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाना चाहते हैं, और Paper 2 उन अभ्यर्थियों के लिए है जो कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाना चाहते हैं। दोनों पेपर में 150 प्रश्न, 150 अंक और 2.5 घंटे का समय होता है। हर प्रश्न पर 1 अंक मिलता है और गलत उत्तर पर कोई अंक नहीं कटता, यानी CTET में नेगेटिव मार्किंग नहीं होती।
Paper 1 का पैटर्न — कक्षा 1 से 5
| विषय | प्रश्न | अंक |
|---|---|---|
| बाल विकास व शिक्षाशास्त्र (CDP) | 30 | 30 |
| भाषा 1 (Language I) | 30 | 30 |
| भाषा 2 (Language II) | 30 | 30 |
| गणित (Mathematics) | 30 | 30 |
| पर्यावरण अध्ययन (EVS) | 30 | 30 |
| कुल | 150 | 150 |
Paper 2 का पैटर्न — कक्षा 6 से 8
| विषय | प्रश्न | अंक |
|---|---|---|
| बाल विकास व शिक्षाशास्त्र (CDP) | 30 | 30 |
| भाषा 1 (Language I) | 30 | 30 |
| भाषा 2 (Language II) | 30 | 30 |
| गणित-विज्ञान या सामाजिक अध्ययन | 60 | 60 |
| कुल | 150 | 150 |
Paper 2 में आखिरी खंड में अभ्यर्थी को अपनी पसंद के अनुसार गणित-विज्ञान या सामाजिक अध्ययन में से एक चुनना होता है। गणित या विज्ञान के शिक्षक बनने वाले गणित-विज्ञान चुनते हैं, और कला वर्ग के अभ्यर्थी सामाजिक अध्ययन चुनते हैं।
पैटर्न से एक बात साफ है — CDP और दोनों भाषाएँ मिलकर 90 अंक की होती हैं, यानी कुल अंकों का 60% हिस्सा। इसलिए सिर्फ अपने मुख्य विषय पर ध्यान देना काफी नहीं है; भाषा और CDP पर बराबर मेहनत करनी होगी। पास होने के लिए सामान्य वर्ग को 150 में से 90 अंक और आरक्षित वर्ग को 150 में से 82 अंक चाहिए। अपनी योग्यता के हिसाब से सही पेपर चुनें — पूरी योग्यता यहाँ पढ़ें: TET के लिए eligibility क्या है।
3 महीने का स्टडी प्लान — धीरे-धीरे, पर पक्का
TET की तैयारी के लिए 3 महीने का समय काफी माना जाता है, बशर्ते पढ़ाई रोज़ और नियमित हो। नीचे दिया गया प्लान एक नमूना है — इसे अपनी तैयारी के स्तर और रोज़ के समय के हिसाब से बदल सकते हैं।
पहला महीना — बुनियाद मज़बूत करें (दिन 1–30)
पहले महीने का काम है सिलेबस को पूरा समझना और हर विषय की बुनियाद तैयार करना। इस महीने में CDP और भाषा 1 से शुरुआत करें, क्योंकि ये दोनों खंड हर पेपर में आते हैं और इनमें अंक लाना अपेक्षाकृत आसान होता है।
- सप्ताह 1–2: CDP के मूल सिद्धांत — बाल विकास की अवस्थाएँ, सीखने के सिद्धांत, समावेशी शिक्षा और NCF 2005 व NEP 2020 की बुनियादी बातें पढ़ें। साथ में भाषा 1 के गद्यांश और व्याकरण का अभ्यास शुरू करें।
- सप्ताह 3–4: गणित या EVS (Paper 1) या अपने चुने हुए खंड (Paper 2) की NCERT किताबों से बुनियादी अध्याय पढ़ें। हर अध्याय के बाद उसके प्रश्न हल करें और छोटे नोट्स बनाएँ।
इस महीने का लक्ष्य रटना नहीं, समझना है।
दूसरा महीना — विषय गहराई से + पिछले पेपर (दिन 31–60)
दूसरे महीने में हर विषय को गहराई से पढ़ें और पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र हल करना शुरू करें। पिछले पेपरों से पता चलता है कि किस तरह के प्रश्न पूछे जाते हैं और किस विषय पर ज्यादा ज़ोर रहता है।
- सुबह का समय: कठिन विषय — गणित या सामाजिक अध्ययन — पढ़ें, क्योंकि सुबह दिमाग सबसे ताज़ा होता है।
- दोपहर का समय: भाषा 2 और EVS जैसे हल्के विषय पढ़ें।
- शाम का समय: दिन भर पढ़ा हुआ दोहराएँ और पिछले साल के पेपर के कुछ खंड हल करें।
इस महीने के अंत तक पूरा सिलेबस एक बार पूरा हो जाना चाहिए। जो विषय कमज़ोर लगे, उसे चिह्नित करके अलग से समय दें।
तीसरा महीना — मॉक टेस्ट और रिवीज़न (दिन 61–90)
आखिरी महीना नए विषय पढ़ने का नहीं, बल्कि पढ़े हुए को पक्का करने का है — हफ्ते में कम से कम 2 फुल मॉक टेस्ट दें और हर टेस्ट के बाद गलतियों का विश्लेषण करें।
- पहले 2 सप्ताह: हर विषय के नोट्स दोहराएँ और रोज़ एक सेक्शनल टेस्ट दें।
- आखिरी 2 सप्ताह: परीक्षा जैसी परिस्थितियों में पूरे 150 प्रश्नों का मॉक टेस्ट दें — 2.5 घंटे का समय तय करके, बिना रुके। गलतियों की सूची बनाएँ और उन्हें दोबारा पढ़ें।
दोनों पेपर देने वाले CDP और भाषाओं की तैयारी एक साथ कर सकते हैं, क्योंकि ये खंड दोनों पेपरों में एक जैसे होते हैं।
रोज़ का टाइम टेबल — कितने घंटे, क्या पढ़ें
TET की तैयारी में घंटों की गिनती से ज्यादा नियमितता मायने रखती है। रोज़ 6 से 8 घंटे की पढ़ाई, सही बँटवारे के साथ, 3 महीने के लिए काफी है। नीचे एक नमूना टाइम टेबल दिया गया है।
| समय | काम | अवधि |
|---|---|---|
| सुबह 6:00–8:00 | CDP या गणित — कठिन विषय | 2 घंटे |
| सुबह 9:00–11:00 | भाषा 1 और भाषा 2 | 2 घंटे |
| दोपहर 12:00–2:00 | EVS या सामाजिक अध्ययन / विज्ञान | 2 घंटे |
| शाम 4:00–5:30 | पिछले साल के पेपर या अभ्यास प्रश्न | 1.5 घंटे |
| रात 8:00–9:00 | दिन भर का रिवीज़न + नोट्स | 1 घंटा |
हफ्ते में 6 दिन पढ़ें और एक दिन रिवीज़न व मॉक टेस्ट के लिए रखें। रोज़ का लक्ष्य पूरा न हो, तो अगले दिन उसे पूरा करने की कोशिश करें। थकान होने पर 10–15 मिनट का ब्रेक लें, पर पढ़ाई का दिन पूरी तरह खाली न छोड़ें।
विषयवार तैयारी — हर विषय की अपनी रणनीति
बाल विकास व शिक्षाशास्त्र (CDP) — 30 अंक
CDP दोनों पेपरों में आता है और यह सबसे ज्यादा अंक देने वाले खंडों में से एक है। इसमें बाल विकास की अवस्थाएँ, सीखने के सिद्धांत, बुद्धिमत्ता, व्यक्तित्व, समावेशी शिक्षा और आकलन के तरीके पूछे जाते हैं।
CDP को रटने की बजाय समझकर पढ़ें। पियाजे, वायगोत्स्की और कोहलबर्ग जैसे मनोवैज्ञानिकों के सिद्धांतों को उदाहरण के साथ समझें — परीक्षा में सीधे परिभाषा से ज्यादा, कक्षा की स्थिति पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं। NCF 2005 और NEP 2020 की बुनियादी बातें भी पढ़ें, क्योंकि हाल के वर्षों में इन पर प्रश्न बढ़े हैं।
भाषा 1 और भाषा 2 — 60 अंक
दोनों भाषाएँ मिलकर 60 अंक की होती हैं — यह पूरे पेपर का सबसे बड़ा हिस्सा है। ज्यादातर अभ्यर्थी भाषा 1 के रूप में हिंदी और भाषा 2 के रूप में अंग्रेज़ी चुनते हैं।
भाषा के पेपर में दो अनदेखे गद्यांश, एक कविता और व्याकरण व शिक्षाशास्त्र के प्रश्न आते हैं। गद्यांश के उत्तर सीधे पाठ में ही मिलते हैं, इसलिए इन्हें ध्यान से पढ़ें — जल्दबाज़ी में आसान अंक छूट जाते हैं। रोज़ एक गद्यांश हल करें और व्याकरण के नियम उदाहरण के साथ याद करें।
गणित (Paper 1) — 30 अंक
Paper 1 का गणित कक्षा 1 से 5 के स्तर का होता है — संख्या पद्धति, जोड़-घटाव, गुणा-भाग, भिन्न, मापन, ज्यामिति और आँकड़ों से जुड़े प्रश्न आते हैं। साथ में गणित शिक्षण के तरीके और आकलन पर भी प्रश्न पूछे जाते हैं।
गणित में अभ्यास ही सबसे बड़ा हथियार है। रोज़ 20–30 प्रश्न हल करें और गलत हुए प्रश्नों को दोबारा करें। सूत्रों को रटने की बजाय उन्हें सवालों में इस्तेमाल करके सीखें।
पर्यावरण अध्ययन (EVS) — 30 अंक
EVS में परिवार, भोजन, पानी, आवास, यात्रा, पौधे और जानवर जैसे रोज़मर्रा के विषयों से प्रश्न आते हैं। NCERT की कक्षा 1 से 5 की EVS किताबें ही इसकी सबसे अच्छी तैयारी हैं।
EVS के प्रश्न आम तौर पर आसान लगते हैं, पर उनके विकल्प बहुत करीब होते हैं — इसलिए किताब को ध्यान से पढ़ें और हर अध्याय के मुख्य तथ्य नोट करें।
गणित-विज्ञान या सामाजिक अध्ययन (Paper 2) — 60 अंक
Paper 2 का यह खंड 60 अंक का होता है, इसलिए इसे सबसे ज्यादा समय देना चाहिए। गणित-विज्ञान चुनने वाले कक्षा 6 से 8 की NCERT विज्ञान और गणित की किताबें पढ़ें — भोजन, गति, प्राकृतिक संसाधन, जीव-जगत और मापन जैसे अध्यायों पर ध्यान दें। सामाजिक अध्ययन चुनने वाले इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र और अर्थशास्त्र की बुनियादी बातें पढ़ें — भारतीय संविधान, प्राचीन व मध्यकालीन इतिहास और भूगोल के मुख्य तथ्य विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं।
दोनों ही विकल्पों में शिक्षाशास्त्र के प्रश्न भी आते हैं — यानी विषय को पढ़ाने के तरीके और बच्चों की गलत धारणाओं को कैसे दूर करें, यह भी जानना जरूरी है।
सही किताबें — कम किताबें, ज्यादा बार पढ़ें
TET ki taiyari kaise kare, इस सवाल का एक बड़ा हिस्सा सही किताबें चुनना है। ज्यादा किताबें खरीदना तैयारी नहीं है — एक-दो अच्छी किताबों को बार-बार पढ़ना ही असली तैयारी है।
NCERT की किताबें TET की तैयारी की बुनियाद हैं। Paper 1 के लिए कक्षा 1 से 5 की और Paper 2 के लिए कक्षा 6 से 8 की NCERT किताबें पढ़ें — खासकर गणित, विज्ञान, सामाजिक अध्ययन और EVS के लिए। परीक्षा के कई प्रश्न सीधे इन्हीं किताबों की विषय-वस्तु से आते हैं।
इसके साथ एक अच्छी गाइड किताब रखें। सत्यापित रूप से उपलब्ध किताबों में Arihant की Child Development and Pedagogy for CTET & TETs (Paper I & II), Arihant की CTET & TETs Bhasha Hindi Paper I & II, Arihant की CTET & TETs English Language & Pedagogy (Paper I & II), Arihant की Success Master CTET (Social Science / Studies) Paper 2, Pearson की A Complete Resource for CTET (लेखक Geeta Sahni) और Wiley की Environmental Studies (EVS) Exam Goalpost for CTET & TETs, Class I–V शामिल हैं। किताब खरीदने से पहले उसका नवीनतम संस्करण और सिलेबस से मेल ज़रूर जाँच लें।
मॉक टेस्ट और पिछले साल के पेपर — तैयारी की असली जाँच
TET ki taiyari kaise kare, यह सवाल मॉक टेस्ट के बिना अधूरा है — पढ़ाई पूरी करने के बाद भी अगर मॉक टेस्ट न दिए जाएँ, तो तैयारी अधूरी रहती है। मॉक टेस्ट से तीन फायदे होते हैं — समय संभालना सीखते हैं, कमज़ोर विषय पता चलते हैं और परीक्षा का डर कम होता है।
- पिछले 5 से 10 वर्षों के प्रश्न पत्र हल करें। ये परीक्षा के पैटर्न और प्रश्नों के स्तर को समझने का सबसे अच्छा तरीका हैं। हर पेपर को समय तय करके हल करें।
- हफ्ते में कम से कम एक फुल मॉक टेस्ट दें। आखिरी महीने में यह संख्या बढ़ाकर हफ्ते में 2–3 कर दें।
- हर टेस्ट का विश्लेषण करें। सिर्फ अंक देखकर आगे न बढ़ें — हर गलत उत्तर के पीछे का कारण लिखें। क्या वह जानकारी की कमी थी, या सवाल गलत समझा गया, या समय कम पड़ गया? गलतियों की यह सूची ही आपकी असली तैयारी है।
- गलतियों की डायरी बनाएँ। जिन प्रश्नों में बार-बार गलती हो, उन्हें एक जगह लिखें और रिवीज़न के समय सबसे पहले उन्हें दोहराएँ।
मॉक टेस्ट में कम अंक आएँ, तो घबराएँ नहीं — मॉक टेस्ट का काम ही कमज़ोरी दिखाना है।
आखिरी 30 दिन का रिवीज़न प्लान
TET ki taiyari kaise kare — आखिरी महीने का जवाब है रिवीज़न: नया कुछ पढ़ने की बजाय, पढ़े हुए को पक्का करें।
- पहले 10 दिन: हर विषय के नोट्स और गलतियों की डायरी दोहराएँ। CDP के सिद्धांत, भाषा के व्याकरण नियम और गणित के सूत्र एक जगह से दोहराएँ।
- अगले 10 दिन: रोज़ एक फुल मॉक टेस्ट दें और उसका विश्लेषण करें। जो विषय कमज़ोर निकले, उसके नोट्स उसी दिन दोबारा पढ़ें।
- आखिरी 10 दिन: सिर्फ शॉर्ट नोट्स और गलतियों की डायरी पढ़ें। कोई नया विषय शुरू न करें। परीक्षा से एक दिन पहले हल्का रिवीज़न करें और समय पर सोएँ।
परीक्षा हॉल की रणनीति — 150 मिनट का सही इस्तेमाल
परीक्षा के दिन रणनीति भी तैयारी जितनी ही जरूरी है। 150 प्रश्नों के लिए 150 मिनट मिलते हैं, यानी हर प्रश्न के लिए औसतन 1 मिनट।
- आसान खंड से शुरुआत करें। CDP या भाषा से शुरुआत करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और शुरुआती अंक पक्के होते हैं।
- कठिन प्रश्न पर अटकें नहीं। जो प्रश्न न आए, उसे छोड़कर आगे बढ़ें और अंत में लौटकर उसे हल करें। एक प्रश्न पर 2 मिनट से ज्यादा न लगाएँ।
- सभी 150 प्रश्न हल करें। नेगेटिव मार्किंग नहीं होती, इसलिए कोई प्रश्न खाली न छोड़ें — अंदाज़े से भी उत्तर देना, खाली छोड़ने से बेहतर है।
- आखिरी 15 मिनट OMR के लिए रखें। उत्तर पत्रक (OMR sheet) भरते समय जल्दबाज़ी न करें — गलत गोला भरने से सही उत्तर भी गलत हो जाता है।
CTET और UPTET के बीच पैटर्न और मान्यता के अंतर यहाँ पढ़ें: CTET और UPTET में अंतर। TET प्रमाण पत्र कितने साल मान्य रहता है, यह यहाँ पढ़ें: TET प्रमाण पत्र की वैधता कितने साल होती है।
तैयारी में होने वाली 7 आम गलतियाँ
- सिर्फ एक विषय पर ध्यान देना: कई अभ्यर्थी CDP व भाषाओं को नज़रअंदाज़ कर देते हैं, जबकि ये 90 अंक की होती हैं।
- सिलेबस पढ़े बिना किताबें खरीदना: पहले सिलेबस देखें, फिर किताब चुनें।
- मॉक टेस्ट न देना: सिर्फ पढ़ने से परीक्षा की तैयारी पूरी नहीं होती; बिना मॉक टेस्ट के समय संभालना नहीं सीखा जा सकता।
- पिछले पेपर न हल करना: पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र परीक्षा के स्तर और प्रश्नों के प्रकार की सबसे सच्ची जानकारी देते हैं।
- एक ही किताब को बार-बार बदलना: एक किताब को पूरा पढ़ें, फिर ज़रूरत पड़े तो दूसरी देखें।
- रिवीज़न को आखिरी दिन पर टालना: हफ्ते में एक दिन रिवीज़न के लिए रखें।
- गलत जानकारी पर भरोसा करना: तिथि, फॉर्म या सिलेबस सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट से लें — ctet.nic.in (CTET), updeled.gov.in (UPTET)।
बिना B.Ed के TET देने के नियम यहाँ पढ़ें: B.Ed के बिना TET दे सकते हैं या नहीं।
सरकारी शिक्षक बनने के लिए उम्र की सीमा यहाँ पढ़ें: सरकारी शिक्षक बनने के लिए उम्र कितनी होनी चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
TET की तैयारी के लिए कितने महीने चाहिए?
3 महीने की नियमित तैयारी काफी मानी जाती है — पहला महीना बुनियाद, दूसरा महीना विषयों की गहराई और पिछले पेपर, तीसरा महीना मॉक टेस्ट व रिवीज़न। अगर रोज़ 6–8 घंटे पढ़ाई हो, तो यह प्लान पास होने के लिए पर्याप्त है।
TET की तैयारी बिना कोचिंग के हो सकती है?
हाँ, बिल्कुल हो सकती है। NCERT किताबें, एक अच्छी गाइड, पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र और नियमित मॉक टेस्ट से बिना कोचिंग के भी TET पास किया जा सकता है। कोचिंग सिर्फ दिशा देती है — पढ़ाई खुद ही करनी होती है।
TET के लिए सबसे अच्छी किताब कौन सी है?
कोई एक किताब सबसे अच्छी नहीं होती। NCERT किताबें बुनियाद के लिए सबसे जरूरी हैं, और साथ में Arihant की CTET गाइड किताबें व पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का संग्रह रखना चाहिए। किताब खरीदने से पहले नवीनतम संस्करण जाँच लें।
Paper 1 और Paper 2 दोनों की तैयारी एक साथ कैसे करें?
CDP और दोनों भाषाएँ दोनों पेपरों में एक जैसी होती हैं, इसलिए इनकी तैयारी एक साथ हो जाती है। अलग से सिर्फ Paper 1 के गणित-EVS और Paper 2 के गणित-विज्ञान या सामाजिक अध्ययन की तैयारी करनी होती है।
TET में नेगेटिव मार्किंग होती है?
नहीं। CTET में नेगेटिव मार्किंग नहीं होती — गलत उत्तर पर कोई अंक नहीं कटता। इसलिए परीक्षा में सभी 150 प्रश्न हल करें, कोई प्रश्न खाली न छोड़ें।
TET पास करने के लिए कितने अंक चाहिए?
सामान्य वर्ग को 150 में से 90 अंक (60%) और आरक्षित वर्ग को 150 में से 82 अंक (55%) चाहिए। TET एक क्वालिफाइंग परीक्षा है — पास होने के बाद प्रमाण पत्र आजीवन मान्य रहता है।
TET की परीक्षा कहाँ होती है?
CTET के परीक्षा केंद्र भारत के 100 से ज़्यादा शहरों में होते हैं — फॉर्म भरते समय शहर चुनते हैं, और असली केंद्र का पता एडमिट कार्ड पर मिलता है। UPTET 2026 की परीक्षा उत्तर प्रदेश के 60 जिलों के 955 केंद्रों पर ऑफलाइन (OMR) तरीके से हुई थी।
MP TET, STET या CG SET की तैयारी कैसे करें?
इनकी तैयारी भी इसी पैटर्न से होती है — CDP, भाषाएँ, गणित और संबंधित विषय, साथ में मॉक टेस्ट और पिछले पेपर। फर्क सिर्फ इतना है कि हर राज्य का सिलेबस, पात्रता और नोटिफिकेशन अलग होता है, इसलिए तैयारी शुरू करने से पहले उस राज्य की आधिकारिक अधिसूचना ज़रूर पढ़ें।
निष्कर्ष
तैयारी का रहस्य कोई शॉर्टकट नहीं है — सही पेपर, पैटर्न, 3 महीने का प्लान, NCERT से बुनियाद, पिछले पेपर और मॉक टेस्ट के बाद रिवीज़न। CDP और भाषाओं के 90 अंक नज़रअंदाज़ करना सबसे बड़ी गलती है।
आज से ही अपना स्टडी प्लान बनाएँ और रोज़ पढ़ाई करें। तैयारी सही दिशा में हो, तो पहला प्रयास ही आखिरी प्रयास बन सकता है।
