Uttarakhand SC-ST Free Coaching: आय सीमा ₹2 लाख से बढ़कर ₹8 लाख — अब कौन-कौन पात्र होगा?

Uttarakhand SC-ST Free Coaching: आय सीमा ₹2 लाख से बढ़कर ₹8 लाख — अब कौन-कौन पात्र होगा?

अगर आप उत्तराखंड से हैं, SC या ST वर्ग से आते हैं, और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग की फीस आपकी सबसे बड़ी रुकावट बन रही थी, तो आपके लिए एक सच में काम की खबर आई है। उत्तराखंड कैबिनेट ने समाज कल्याण विभाग की निशुल्क कोचिंग योजना के लिए परिवार की सालाना आय सीमा को बढ़ा दिया है। पहले यह सीमा ₹2 लाख सालाना थी, अब इसे बढ़ाकर ₹8 लाख सालाना कर दिया गया है।

सीधे शब्दों में समझिए — पहले इस योजना का फायदा सिर्फ उन्हीं परिवारों के बच्चों को मिल पाता था जिनकी सालाना आय ₹2 लाख या उससे कम थी। अब ₹8 लाख तक की सालाना आय वाले परिवारों के विद्यार्थी भी इस दायरे में आ सकेंगे। यानी पहले जो परिवार थोड़ी-सी ज्यादा आय होने की वजह से बाहर हो जाते थे, अब उनके बच्चे भी मुफ्त कोचिंग के लिए पात्र हो सकेंगे।

यह फैसला 22 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया, और 24 अक्टूबर 2026 की रिपोर्टों में इसकी जानकारी सामने आई। इसी बैठक में कुल 25 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई थी, जिनमें शिक्षा, सामाजिक कल्याण, खेल और पर्यटन से जुड़े कई फैसले शामिल थे। लेकिन छात्रों के लिहाज से सबसे बड़ा और सीधा असर इसी निशुल्क कोचिंग योजना की आय सीमा बढ़ने का है।

Overview: एक नज़र में पूरी जानकारी

जानकारीविवरण
योजना का नामसमाज कल्याण विभाग की निशुल्क कोचिंग योजना (SC-ST छात्रों के लिए)
राज्यउत्तराखंड
लाभार्थीअनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के विद्यार्थी
पहले की आय सीमा₹2 लाख सालाना (परिवार की वार्षिक आय)
नई आय सीमा₹8 लाख सालाना (परिवार की वार्षिक आय)
फैसला किसने लियाउत्तराखंड कैबिनेट, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में
कैबिनेट बैठक की तारीख22 अक्टूबर 2026
जानकारी सामने आने की तारीख23-24 अक्टूबर 2026 की रिपोर्टों में
उद्देश्यप्रतियोगी परीक्षाओं में SC-ST छात्रों के चयन का प्रतिशत बढ़ाना
आगे क्या होगाविभागीय शासनादेश और दिशा-निर्देश जारी होने के बाद प्रक्रिया स्पष्ट होगी

आखिर हुआ क्या है? पूरा फैसला समझिए

उत्तराखंड सरकार की समाज कल्याण विभाग की निशुल्क कोचिंग योजना का मकसद साफ है — SC और ST वर्ग के होनहार विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग दिलाना, ताकि पैसों की कमी उनकी मेहनत के आड़े न आए। लेकिन इस योजना में अब तक एक बड़ी अड़चन थी — आय सीमा।

₹2 लाख सालाना की सीमा का मतलब था कि महीने के हिसाब से करीब ₹16,000 से ज्यादा कमाने वाले परिवार का बच्चा इस योजना से बाहर हो जाता था। आज के समय में, जब एक परिवार में दो लोग भी छोटी-मोटी नौकरी या मजदूरी करते हों, तो सालाना आय ₹2 लाख को पार कर जाना कोई बड़ी बात नहीं है। ऐसे में कई मेहनती छात्र सिर्फ इसलिए योजना से बाहर रह जाते थे, क्योंकि उनके परिवार की आय कागज पर थोड़ी ज्यादा दिखती थी — जबकि असल में कोचिंग की भारी फीस भरना उनके बस में नहीं था।

अब कैबिनेट ने इस सीमा को सीधे चार गुना बढ़ाकर ₹8 लाख सालाना कर दिया है। रिपोर्टों के मुताबिक सरकार का मकसद प्रतियोगी परीक्षाओं में SC-ST छात्रों के चयन का प्रतिशत बढ़ाना है। और यह बात समझने लायक है — जब ज्यादा छात्र अच्छी कोचिंग तक पहुँच पाएँगे, तो चयन की संभावना भी स्वाभाविक रूप से बढ़ेगी।

एक बात यहाँ साफ-साफ समझ लेना जरूरी है। यह फैसला कैबिनेट की मंजूरी है। जमीन पर इसका लाभ कब, किस प्रक्रिया से और किन दस्तावेजों के साथ मिलेगा — यह समाज कल्याण विभाग के आगे के शासनादेश और दिशा-निर्देशों से तय होगा। इसलिए अभी किसी भी वेबसाइट या व्यक्ति के कहने पर फॉर्म भरने की जल्दबाजी न करें, और न ही किसी को इस काम के लिए पैसे दें।

पहले कौन बाहर था, अब कौन अंदर आएगा?

इस बदलाव को एक आसान उदाहरण से समझिए। मान लीजिए किसी परिवार की सालाना आय ₹5 लाख है। पहले की ₹2 लाख वाली सीमा में यह परिवार योजना से बाहर था, चाहे उसका बच्चा कितना भी मेहनती क्यों न हो। नई ₹8 लाख वाली सीमा में यही परिवार दायरे के अंदर आ जाएगा — बशर्ते वह SC या ST वर्ग से हो और योजना की बाकी शर्तें पूरी करता हो।

इसी तरह, ₹3 लाख, ₹4 लाख, ₹6 लाख या ₹7 लाख सालाना आय वाले परिवार भी अब इस योजना की पात्रता की रेस में आ गए हैं। पहले ये सभी परिवार आय सीमा की वजह से बाहर थे। अब इनके बच्चों के पास मुफ्त कोचिंग पाने का मौका होगा।

लेकिन यहाँ एक जरूरी सावधानी भी है। सिर्फ आय सीमा के अंदर आना ही काफी नहीं होगा। योजना की बाकी शर्तें — जैसे उत्तराखंड का निवासी होना, SC या ST वर्ग का प्रमाण पत्र, पढ़ाई से जुड़ी योग्यता और विभाग के नियम — भी पूरी करनी होंगी। वे शर्तें विभाग के दिशा-निर्देशों में साफ तौर पर बताई जाएँगी। इसलिए नई आय सीमा को अपनी पात्रता की गारंटी मत समझिए, इसे एक बड़ा दरवाजा खुलना समझिए।

इस फैसले से छात्रों को असल में क्या फायदा होगा?

पहला और सबसे सीधा फायदा यह है कि अब ज्यादा छात्र मुफ्त कोचिंग के लिए आवेदन कर पाएँगे। कोचिंग की फीस आज के समय में हजारों से लेकर लाखों रुपये तक हो सकती है, और एक मध्यम वर्गीय परिवार के लिए यह रकम जुटाना आसान नहीं होता। मुफ्त कोचिंग मिलने का मतलब है कि छात्र का पूरा ध्यान पढ़ाई पर रहेगा, फीस की चिंता पर नहीं।

दूसरा फायदा यह है कि अच्छी कोचिंग सिर्फ पढ़ाई ही नहीं देती, वह एक पूरा माहौल देती है — सही किताबें, टेस्ट सीरीज़, समय पर सिलेबस पूरा करना, और ऐसे साथी जो उसी लक्ष्य की तरफ बढ़ रहे हों। कई छात्र अकेले पढ़ते हुए भटक जाते हैं, कोचिंग उन्हें एक रास्ते पर बनाए रखती है।

तीसरा फायदा लंबे समय में दिखेगा। जब SC-ST वर्ग के ज्यादा छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होंगे, तो सरकारी नौकरियों और उच्च शिक्षा में उनका प्रतिनिधित्व बढ़ेगा। यही इस योजना का असली मकसद है — सिर्फ एक छात्र की मदद नहीं, बल्कि पूरे वर्ग के बच्चों के लिए बराबरी का मौका बनाना।

अब छात्रों को क्या करना चाहिए? Step-by-step तैयारी

सबसे पहले यह समझ लीजिए कि अभी कैबिनेट की मंजूरी मिली है, आवेदन प्रक्रिया का नया नोटिस आना बाकी है। इसलिए अभी से ये तैयारी करके रखिए, ताकि नोटिस आते ही आप पीछे न रह जाएँ:

  1. अपना वर्ग प्रमाण पत्र तैयार रखिए — SC या ST प्रमाण पत्र इस योजना की बुनियादी शर्त है। अगर प्रमाण पत्र बना हुआ है, तो उसकी एक साफ कॉपी और मूल दस्तावेज संभालकर रखिए। अगर नहीं बना है, तो अभी बनवाने की प्रक्रिया शुरू कर दीजिए, क्योंकि इसमें समय लग सकता है।
  2. आय प्रमाण पत्र की तैयारी कीजिए — नई सीमा ₹8 लाख सालाना है, इसलिए परिवार की आय का प्रमाण पत्र जरूरी होगा। आय प्रमाण पत्र बनवाते समय सही और सत्य जानकारी ही दीजिए, गलत जानकारी बाद में आवेदन रद्द होने की वजह बन सकती है।
  3. पढ़ाई के दस्तावेज संभालिए — अपनी पिछली कक्षाओं की मार्कशीट, प्रमाण पत्र और पहचान से जुड़े दस्तावेज एक जगह इकट्ठा करके रखिए। आवेदन के समय यही कागज सबसे ज्यादा काम आएँगे।
  4. समाज कल्याण विभाग की आधिकारिक जानकारी पर नजर रखिए — आवेदन की तारीख, प्रक्रिया और कोचिंग संस्थानों की सूची विभाग के दिशा-निर्देशों में आएगी। किसी भी अनजान वेबसाइट या सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा करके फॉर्म मत भरिए।
  5. किसी को पैसे मत दीजिए — सरकारी योजना में आवेदन के नाम पर अगर कोई पैसे माँगे, तो समझ जाइए कि वह गलत काम कर रहा है। आधिकारिक प्रक्रिया की जानकारी हमेशा सरकारी माध्यमों से ही लीजिए।

कैबिनेट बैठक में छात्रों से जुड़े और कौन-से फैसले हुए?

इसी कैबिनेट बैठक में छात्रों से जुड़े दो और फैसले भी हुए, जिनका जानना आपके लिए फायदेमंद होगा। पहला, दिव्यांग विद्यार्थियों को उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं में राहत दी गई है — रिपोर्टों के मुताबिक उन्हें 5 प्रतिशत की छूट मिलेगी, यानी 28 प्रतिशत अंक लाने पर भी वे उत्तीर्ण माने जाएँगे। दूसरा, राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पुरस्कार जीतने वाले खिलाड़ियों को उत्तराखंड रोडवेज की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी, और हर जिले में मुख्य खेल प्रशिक्षक तैनात किए जाएँगे।

इन फैसलों से यह साफ है कि इस बार की कैबिनेट बैठक में छात्रों, युवाओं और खिलाड़ियों पर खास ध्यान दिया गया है। लेकिन इस लेख का मुख्य विषय निशुल्क कोचिंग योजना है, इसलिए बाकी फैसलों पर विस्तार से यहाँ नहीं जा रहे हैं — उनका अपना अलग महत्व है, और उन पर भी विभागीय दिशा-निर्देश आने के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी।

ध्यान रखने वाली बातें — गलतफहमी से बचिए

कई बार ऐसी खबरों के साथ गलतफहमियाँ भी फैल जाती हैं, इसलिए इन बातों को साफ रखिए:

  • यह फैसला सिर्फ उत्तराखंड के SC और ST विद्यार्थियों के लिए है। दूसरे राज्यों के छात्र या दूसरे वर्ग के छात्र इस योजना के दायरे में नहीं आते।
  • आय सीमा बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि हर आवेदक को अपने आप कोचिंग मिल जाएगी। सीटों, संस्थानों और चयन प्रक्रिया के नियम विभाग के दिशा-निर्देशों में तय होंगे।
  • अभी आवेदन की कोई नई तारीख घोषित नहीं हुई है। जो भी तारीख या लिंक सोशल मीडिया पर घूम रहा हो, उसे आधिकारिक सूचना से मिलाए बिना सच मत मानिए।
  • कैबिनेट में प्रस्तावों की संख्या को लेकर रिपोर्टों में थोड़ा अंतर है — कुछ में 25 और कुछ में 22 प्रस्तावों का जिक्र है। लेकिन निशुल्क कोचिंग की आय सीमा ₹2 लाख से ₹8 लाख होने की बात सभी प्रमुख रिपोर्टों में एक जैसी है, इसलिए इस पर कोई संदेह नहीं है।

FAQ — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल: उत्तराखंड निशुल्क कोचिंग योजना की नई आय सीमा कितनी है?
जवाब: कैबिनेट के फैसले के बाद नई आय सीमा ₹8 लाख सालाना हो गई है। पहले यह सीमा ₹2 लाख सालाना थी।

सवाल: इस योजना का लाभ किसे मिलेगा?
जवाब: उत्तराखंड के अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के विद्यार्थियों को, जो समाज कल्याण विभाग की निशुल्क कोचिंग योजना की शर्तें पूरी करते हों।

सवाल: क्या अब ₹5 लाख आय वाले परिवार का बच्चा भी पात्र होगा?
जवाब: आय के हिसाब से हाँ, ₹5 लाख नई ₹8 लाख की सीमा के अंदर आता है। लेकिन अंतिम पात्रता विभाग के दिशा-निर्देशों और बाकी शर्तों पर निर्भर करेगी।

सवाल: आवेदन कब और कैसे करना होगा?
जवाब: आवेदन की प्रक्रिया, तारीख और तरीका समाज कल्याण विभाग के आगे के शासनादेश और दिशा-निर्देशों में बताया जाएगा। अभी से अपने वर्ग और आय प्रमाण पत्र तैयार रखिए।

सवाल: क्या यह योजना सिर्फ प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए है?
जवाब: रिपोर्टों के मुताबिक यह योजना प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निशुल्क कोचिंग से जुड़ी है, और इसका मकसद SC-ST छात्रों के चयन का प्रतिशत बढ़ाना है। किन परीक्षाओं की कोचिंग इसमें शामिल होगी, यह विभागीय दिशा-निर्देशों में साफ होगा।

निष्कर्ष

उत्तराखंड कैबिनेट का यह फैसला उन हजारों परिवारों के लिए उम्मीद की किरण है, जो अब तक सिर्फ ₹2 लाख की आय सीमा की वजह से मुफ्त कोचिंग से बाहर थे। ₹8 लाख की नई सीमा से अब मध्यम आय वाले SC-ST परिवारों के बच्चे भी इस योजना का लाभ उठा पाएँगे। बस एक बात याद रखिए — कैबिनेट की मंजूरी पहला कदम है, असली मौका तब मिलेगा जब विभाग का दिशा-निर्देश आएगा। तब तक अपने दस्तावेज तैयार रखिए, पढ़ाई जारी रखिए, और आधिकारिक जानकारी का इंतजार कीजिए। मेहनत आपकी होगी, मौका अब पहले से बड़ा है।

Sources (लेख के लिए): Rashtriya Ujala (24 Oct 2026), Aakramak News (22 Oct 2026), Uttarakhand Update (22 Oct 2026) — कैबिनेट बैठक 22 अक्टूबर 2026, आय सीमा ₹2 लाख से ₹8 लाख।

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